
Patna: बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने स्पष्ट कर दिया है कि TRE-4 की परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा में निगेटिव मार्किंग को भी बरकरार रखा जाएगा। आयोग के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो एक ही परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं।
गर्दनीबाग में जारी है अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
पटना के गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा आयोजित की जाए। साथ ही वे निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग भी कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि TRE-3 तक शिक्षक भर्ती के लिए एक परीक्षा आयोजित की गई थी और उसमें निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं था। इसी आधार पर TRE-4 में भी पुरानी व्यवस्था लागू रखने की मांग की जा रही है।
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BPSC ने दो चरणों की परीक्षा पर क्या कहा?
सोमवार, 24 अगस्त को BPSC की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें आयोग के सचिव हेमंत कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह मौजूद रहे। परीक्षा नियंत्रक ने TRE-4 में दो चरणों में परीक्षा कराने के फैसले के पीछे की वजहों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि केवल बिहार में ही शिक्षक भर्ती परीक्षा को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। देश के कई राज्यों में शिक्षक भर्ती के लिए बहु-स्तरीय परीक्षा व्यवस्था लागू है।
अधिकारी के मुताबिक, NEET-UG परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद गठित राधाकृष्णन समिति ने भी परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से भी परीक्षा प्रक्रिया को दो चरणों में कराने की सलाह दी गई थी।
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निगेटिव मार्किंग पर भी स्थिति साफ
BPSC ने TRE-4 में निगेटिव मार्किंग को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि निगेटिव मार्किंग हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। आयोग का मानना है कि निगेटिव मार्किंग से बिना सोचे-समझे उत्तर देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकती है। उनका कहना था कि अनुमान के आधार पर उत्तर देने से किसी अयोग्य अभ्यर्थी को अनुचित लाभ मिल सकता है, इसलिए निगेटिव मार्किंग परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा रहेगी।
दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में हो सकती है परीक्षा
TRE-4 की तारीख को लेकर भी BPSC ने संभावित समयसीमा बताई है। आयोग के अनुसार परीक्षा दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में आयोजित की जा सकती है। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया की तारीख भी घोषित की जा चुकी है। TRE-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन एक सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक भरे जाएंगे।
फॉर्म की संख्या के आधार पर तय होंगे परीक्षा के चरण
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि एक दिन में अधिकतम करीब 5 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जा सकती है। आवेदन की अंतिम संख्या सामने आने के बाद यह तय किया जाएगा कि TRE-4 की परीक्षा कितने चरणों में आयोजित करनी होगी।
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