
IGKV पेपर लीक का बड़ा खुलासा
IGKV Paper Leak: रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की एंटोंमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने पेपर लीक होने के महज 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। आरोप है कि उसने प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसे छात्रों तक पहुंचाया और इसके बदले पैसे लिए गए।
परीक्षा से एक दिन पहले सामने आया पेपर लीक
IGKV के अंतर्गत आने वाले 28 कृषि महाविद्यालयों में BSC कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की AGCH-221 (एंटोंमोलॉजी) परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा से एक दिन पहले 20 अगस्त की सुबह करीब 8:41 बजे प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना सामने आई। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर सबसे पहले इसकी जानकारी पहुंची।
ये भी पढें
वाराणसी NEET छात्रा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
करीब 13 मिनट बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी व्हाट्सऐप के जरिए प्रश्नपत्र के कुछ सवाल वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी। जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित हो चुका था।
100 से ज्यादा लोगों की टीम ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की संबंधित धाराओं और BNS की धारा 316 के तहत कार्रवाई शुरू की। जांच के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, तेलीबांधा पुलिस और अन्य पुलिस बल को मिलाकर 100 से अधिक लोगों की टीम लगाई गई।
टीमों ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। साइबर टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र, फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट और मैसेज की तकनीकी जांच की। पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट या डिजिटल माध्यम से शेयर किया गया था।
ऐसे पहुंची पुलिस मास्टरमाइंड तक
तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस को प्रश्नपत्र लीक के स्रोत तक पहुंचने में सफलता मिली। जांच में दुर्ग निवासी अनुज मिंज का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं। करीब 36 घंटे तक लगातार तकनीकी और मैदानी जांच के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रोफेसर ने ऐसे किया प्रश्नपत्र लीक
पुलिस के अनुसार, योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेने के लिए कृषि महाविद्यालय, रायपुर आता था। 17 अगस्त को भी वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था।
ये भी पढें
मेरठ: मर्यादा लांघने वाले पुलिसकर्मियों पर आखिरकार गिरी गाज, पहुंचे लाइन
वहां से उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लिए। आरोप है कि एंटोंमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र वाला लिफाफा वह अपने घर ले गया। पुलिस का दावा है कि घर पहुंचने के बाद उसने लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरे को उस छेद के जरिए अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में प्रश्नपत्र की सामग्री की कॉपी तैयार की गई।
11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा पेपर
जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि प्रश्नपत्र की सामग्री आरोपी ने अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को करीब 11 हजार रुपये में उपलब्ध कराई। इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया।
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत अन्य सामान जब्त किए गए हैं।
दो आरोपी अभी फरार
पुलिस के मुताबिक, मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में और कितने लोग शामिल थे और क्या इससे पहले भी किसी परीक्षा के प्रश्नपत्र को इसी तरीके से लीक किया गया था। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
वाराणसी NEET छात्रा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
पाकिस्तान का नया सैन्य मॉडल लागू, असीम मुनीर के हाथों में तीनों सेनाओं की कमान
बारावफात पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, जगह-जगह रहेगा पुलिस बल का घेरा
सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा होगी और मजबूत, अमित शाह ने बताया सरकार का प्लान
कोलंबो टेस्ट से पहले पुजारा ने टीम मैनेजमेंट को दी सलाह


3 thoughts on “36 घंटे में खुला पेपर लीक का राज, प्रोफेसर ने लिफाफे में छेद कर प्रश्नपत्र किया लीक”
Comments are closed.