दो परमाणु हमलों से बच निकले त्सुतोमु यामागुची, दुनिया के सबसे दुर्लभ जीवित गवाहों में थे शामिल

Tsutomu Yamaguchi

Tsutomu Yamaguchi : इतिहास में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनकी कल्पना करना भी कठिन है। जापान के त्सुतोमु यामागुची (Tsutomu Yamaguchi) की कहानी ऐसी ही एक असाधारण दास्तान है। वे उन बेहद कम लोगों में शामिल थे, जिन्होंने 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए दोनों परमाणु हमलों का सामना किया और जीवित बचे। बाद के वर्षों में उन्होंने अपने अनुभव साझा कर दुनिया को युद्ध और परमाणु हथियारों की भयावहता से आगाह किया।

हिरोशिमा में था आखिरी दिन

छह अगस्त 1945 को 29 वर्षीय त्सुतोमु यामागुची मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज के लिए काम करते हुए हिरोशिमा में अपने अंतिम दिन पर थे। वे व्यापारिक दौरे के बाद अपने घर नागासाकी लौटने की तैयारी कर रहे थे। उसी सुबह जब वे शिपयार्ड की ओर जा रहे थे, तभी अमेरिकी बी-29 विमान से गिराए गए परमाणु बम ने शहर को हिला दिया।

यामागुची विस्फोट स्थल से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर थे। तेज चमक, भीषण धमाका और गर्मी की लहर ने उन्हें दूर फेंक दिया। उनके चेहरे और हाथ बुरी तरह झुलस गए, जबकि कानों के पर्दे भी क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद उठता मशरूमनुमा बादल और चारों ओर फैली तबाही किसी भयावह सपने जैसी थी।

ये भी पढें

क्या खत्म होने वाला है अजीत अगरकर का कार्यकाल? VVS लक्ष्मण के नाम की चर्चा तेज

तबाही के बीच नागासाकी पहुंचे

हमले के अगले दिन वे किसी तरह ट्रेन पकड़कर नागासाकी पहुंचे। रास्ते में उन्होंने जली हुई इमारतें, बर्बाद सड़कें और युद्ध की विभीषिका अपनी आंखों से देखी। इलाज कराने के बाद वे अपने परिवार के पास लौट आए, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति बेहद खराब थी।

दूसरी बार भी झेला परमाणु विस्फोट

नौ अगस्त 1945 को, चोटों के बावजूद यामागुची अपने कार्यालय पहुंचे और हिरोशिमा में हुए हमले का विवरण अधिकारियों को बता रहे थे। उसी दौरान नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम गिरा। एक बार फिर तेज रोशनी और भीषण विस्फोट ने पूरे शहर को हिला दिया।

हालांकि इस बार भी यामागुची बच निकले। उनकी पत्नी और छोटा बेटा भी सुरक्षित रहे क्योंकि विस्फोट के समय उन्होंने एक सुरंग में शरण ले ली थी। बाद में यामागुची ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे हिरोशिमा का मशरूमनुमा बादल उनका पीछा करते हुए नागासाकी तक आ गया हो।

ये भी पढें

दुष्कर्म केस में तरुण तेजपाल दोषी, ट्रायल कोर्ट का बरी करने का आदेश रद्द

रेडिएशन का असर और फिर नई शुरुआत

दोनों हमलों के बाद रेडिएशन के प्रभाव से यामागुची की तबीयत लंबे समय तक खराब रही। उनके बाल झड़ने लगे, शरीर पर गंभीर घाव हो गए और लगातार उल्टियां होती रहीं। इसके बावजूद समय के साथ वे स्वस्थ हुए और सामान्य जीवन में लौट आए। उन्होंने दोबारा इंजीनियर के रूप में काम किया और परिवार के साथ जीवन बिताया।

परमाणु हथियारों के खिलाफ बने आवाज

कई दशकों तक उन्होंने अपने अनुभव सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किए। बाद में वे परमाणु हथियारों के खिलाफ वैश्विक अभियान का हिस्सा बने। वर्ष 2006 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में परमाणु निरस्त्रीकरण की वकालत करते हुए कहा कि दो बार परमाणु हमलों से बचना उनके लिए केवल संयोग नहीं, बल्कि दुनिया को शांति का संदेश देने की जिम्मेदारी है।

 नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

दुष्कर्म केस में तरुण तेजपाल दोषी, ट्रायल कोर्ट का बरी करने का आदेश रद्द

उमाशंकर सिंह को याद कर भावुक हुईं मायावती, बोलीं- ‘भाई तो बहुत बने, लेकिन साथ नहीं छोड़ा’

गुप्त स्थान पर हुई मुलाकात! सुप्रीम लीडर को लेकर ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा खुलासा

ब्राह्मणों को साधने निकली SP, क्या बदलेगा UP का सियासी गणित?

 

 

Spread the love

2 thoughts on “दो परमाणु हमलों से बच निकले त्सुतोमु यामागुची, दुनिया के सबसे दुर्लभ जीवित गवाहों में थे शामिल

Comments are closed.

GPS Jamming Plane Crash
International

GPS जैमिंग पर उठे सवाल, US सेना की एक्सरसाइज के दौरान विमान हादसे की जांच तेज

GPS Jamming Plane Crash : अमेरिका के न्यू मैक्सिको में हुए एयर एंबुलेंस विमान हादसे ने सैन्य अभ्यास और नागरिक विमानन सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस समय विमान उड़ान भर रहा था, उसी दौरान अमेरिकी सेना पास के इलाके में GPS जैमिंग की एक्सरसाइज […]

Spread the love
Read More
Trump-Iran News
homeslider International

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े हमले का दावा, ट्रंप बोले- दबाव में बातचीत को तैयार हुआ ईरान

Trump-Iran News :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर चुका था, लेकिन अंतिम समय में ईरान ने बातचीत की इच्छा जताते हुए संपर्क किया। ट्रंप […]

Spread the love
Read More
Iran
homeslider International

गुप्त स्थान पर हुई मुलाकात! सुप्रीम लीडर को लेकर ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा खुलासा

Iran के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने बुधवार को कहा कि मौजूदा हालात में देश के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से सीधे बातचीत करना “बहुत मुश्किल” है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेतृत्व में उनकी मौजूदगी ईरान के लिए ताकत का बड़ा स्रोत है और मौजूदा संकट के दौर में उनका मार्गदर्शन बेहद […]

Spread the love
Read More