H-1B Visa पर नहीं मिली राहत, 2027 तक लागू रहेगा $100,000 भुगतान प्रावधान

Washington

Washington: अमेरिका में नौकरी करने की तैयारी कर रहे विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए H-1B वीजा से जुड़ी सख्ती फिलहाल जारी रहने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर 2025 में लागू किए गए H-1B प्रवेश प्रतिबंधों को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। नए आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 21 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी।

इस नीति के तहत कुछ H-1B कर्मचारियों के लिए अमेरिका में प्रवेश से पहले नियोक्ता को 100,000 डॉलर का भुगतान करना होगा। हालांकि, यह रकम हर H-1B वीजा धारक पर लागू नहीं होती। मौजूदा आदेश मुख्य रूप से उन मामलों को प्रभावित करता है जिनमें संबंधित कर्मचारी अमेरिका से बाहर है और नए H-1B रोजगार के लिए देश में प्रवेश करना चाहता है। राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में सीमित छूट का प्रावधान भी रखा गया है।

ये भी पढें

नौतनवां के राजीव गांधी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा जयंती

2027 तक क्यों बढ़ाया गया नियम?

व्हाइट हाउस के मुताबिक H-1B कार्यक्रम में कुछ नियोक्ताओं, आईटी स्टाफिंग कंपनियों और आउटसोर्सिंग फर्मों की ओर से नियमों के दुरुपयोग को रोकना इस नीति का प्रमुख उद्देश्य है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि कुछ मामलों में कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों के जरिए अमेरिकी कर्मचारियों की जगह भरने की कोशिश की गई।

सरकार का कहना है कि 2025 में लागू किए गए प्रतिबंधों के बाद H-1B कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिले हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि बड़े IT आउटसोर्सिंग संस्थानों की H-1B रजिस्ट्रेशन संख्या में 92 प्रतिशत की कमी आई है। ये आंकड़े अमेरिकी प्रशासन के अपने आकलन पर आधारित हैं।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्यों पड़ सकता है असर?

H-1B कार्यक्रम में भारतीय प्रोफेशनल्स की बड़ी हिस्सेदारी है। इसलिए अमेरिका के इस फैसले का प्रभाव भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, डेवलपर्स और दूसरे टेक्निकल प्रोफेशनल्स की अमेरिका जाने की योजनाओं पर पड़ सकता है।

ये भी पढें

अखिलेश की PDA यात्रा पर राजभर का तंज

सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों और कंपनियों पर पड़ने की संभावना है, जिनके मामलों में अमेरिका के बाहर मौजूद कर्मचारी को H-1B के आधार पर अमेरिका में प्रवेश करना है। नियोक्ता के लिए 100,000 डॉलर का अतिरिक्त भुगतान एक बड़ा वित्तीय बोझ है। ऐसे में कंपनियों को किसी कर्मचारी को अमेरिका भेजने से पहले लागत और जरूरत पर ज्यादा विचार करना पड़ सकता है।

हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि सभी भारतीय H-1B कर्मचारियों को सीधे 100,000 डॉलर का भुगतान करना होगा। आदेश की शर्तें मामले की स्थिति और कर्मचारी के अमेरिका के बाहर या भीतर होने जैसे कारकों पर निर्भर करती हैं।

कंपनियों पर भी बढ़ेगी निगरानी

H-1B नीति के साथ अमेरिकी प्रशासन ने आवेदनों की अतिरिक्त जांच से जुड़े कदम भी उठाए हैं। नए निर्देशों के तहत कुछ मामलों में नियोक्ता की हालिया या प्रस्तावित छंटनी को भी आवेदन की समीक्षा के दौरान ध्यान में रखा जा सकता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

अखिलेश की PDA यात्रा पर राजभर का तंज

डेंगू से बचाव में बड़ा कदम, भारत में जल्द उपलब्ध होगी QDENGA वैक्सीन

एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया पर बवाल, BCCI ने संभाला मोर्चा

 

 

Spread the love

One thought on “H-1B Visa पर नहीं मिली राहत, 2027 तक लागू रहेगा $100,000 भुगतान प्रावधान”

Comments are closed.

International

जर्मनी में कट्टरपंथी AFD की छोटी जीत के बड़े मायने

संजय सक्सेना AfD in Germany: आजकल जर्मनी में अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड (AFD) की एक छोटी-सी जीत की बड़ी चर्चा हो रही है। AFD की छोटी-सी जीत से पूरे यूरोप और खासकर इस्लामी जगत में बेचैनी नजर आ रही है। यह जर्मनी की एक ऐसी धुर दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टी है, जिसने हाल के वर्षों में जर्मन […]

Spread the love
Read More
New York
International

भारत ने UN में समुद्री सुरक्षा, अफगानिस्तान पर रखा देश का मजबूत पक्ष

शाश्वत तिवारी New York: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की दो महत्वपूर्ण बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक शांति, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास पर देश की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। भारत ने एक ओर अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन पर […]

Spread the love
Read More
International

श्रीलंका को भारत की सौगातः 2 मॉर्डन हेल्थ यूनिट्स की रखी नींव

 शाश्वत तिवारी Colombo: भारत और श्रीलंका के बीच विकास एवं कूटनीतिक सहयोग को एक नई ऊंचाई देते हुए श्रीलंका के उत्तरी प्रांत में दो बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री नालिंदा जयतिस्सा के साथ संयुक्त […]

Spread the love
Read More