
आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष ने CM को भेजा पत्र
UP paper leak case: आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सुभासपा विधायक बेदी राम एवं निषाद पार्ट विधायक विपुल दुबे से संबंधित लंबित पेपर लीक मामलों में प्रभावी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध अभियोजन सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हाल के पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में उत्पन्न आक्रोश तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा घोषित ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के मद्देनज़र लगभग दो दशकों से लंबित पुराने मामलों का भी समान गंभीरता से निष्पादन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने लखनऊ न्यायालय में विचाराधीन 2006 के रेलवे भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस प्रकरण में बेदी राम एवं विपुल दुबे सहित अन्य अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन लंबित है।
इसी प्रकार बेदी राम के खिलाफ प्रश्नपत्र लीक से संबंधित अन्य आपराधिक मामले भी विभिन्न स्तरों पर लंबित बताए गए हैं। अमिताभ ठाकुर ने राज्य सरकार से इन सभी मामलों की वरिष्ठ स्तर पर नियमित समीक्षा, सक्षम लोक अभियोजकों द्वारा प्रभावी पैरवी तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक विलंब के बिना विधि के अनुरूप आगे बढ़ सके ।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पुराने पेपर लीक मामलों में लंबित मुकदमों की प्रभावी और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से सुभासपा विधायक बेदी राम और निषाद पार्टी विधायक विपुल दुबे से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से इन प्रकरणों में समयबद्ध तरीके से अभियोजन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अपील की है।
अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि हाल के वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों और युवाओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से भी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात कही जाती रही है।
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ऐसे में पुराने लंबित मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द निस्तारण किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल नए मामलों में कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि वर्षों से लंबित मामलों में भी प्रभावी कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। इसी क्रम में उन्होंने लखनऊ की अदालत में विचाराधीन वर्ष 2006 के रेलवे भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले का जिक्र किया। उनके अनुसार, इस मामले में बेदी राम, विपुल दुबे सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लंबित है।
पेपर लीक मामलों में तेजी से कार्रवाई की मांग
आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पेपर लीक से जुड़े अन्य आपराधिक मामलों में भी कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी संबंधित मामलों की उच्च स्तर पर नियमित निगरानी की जाए, ताकि जांच और अभियोजन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो।
अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मामलों में अनुभवी और सक्षम लोक अभियोजकों के माध्यम से अदालतों में प्रभावी पैरवी कराई जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित कानून के अनुसार बिना अनावश्यक विलंब के पूरी हो।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और इससे युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है। इसलिए ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
आजाद अधिकार सेना की ओर से की गई इस मांग के बाद एक बार फिर पुराने पेपर लीक मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संगठन का कहना है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के लिए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई समय की जरूरत है।
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