
संविधान सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी ताकत, यही दिलाएगा समता और समानता
The Constitution and Reservation : समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ सहित सभी जिला कार्यालयों पर आज आरक्षण दिवस को संविधान मान स्तंभ दिवस के रूप में मनाया गया। समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा संकल्पित ‘आरक्षण’ को कोल्हापुर के परम आदरणीय श्रीमंत महाराज राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज ने अपने कोल्हापुर राज्य में लागू किया था। इसी दिन ‘आरक्षण देने का शुभारंभ’ हुआ था। ‘सामाजिक न्याय’ की भावना को आरक्षण के रूप में इसी दिन अमल में लाया गया था, जो आगे चलकर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के सद्प्रयासों से हमारे संविधान में एक जनाधिकार के रूप में सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने का मूल आधार बना और देश के लोकतंत्र की स्थापना का मूल सिद्धांत भी। इसके लिए हर वर्ष ‘26 जुलाई’ से अधिक ऐतिहासिक अवसर और क्या हो सकता है।
उन्होंने कहा कि विचार को सही में लागू करना ही सबसे बड़ा और प्रभावशाली उदाहरण होता है, जो परम आदरणीय श्रीमंत महाराज राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज जी ने इस दिन लागू करके दिखलाया था। श्री यादव ने कहा कि इसके पीछे मूल भावना यही है कि ‘संविधान-मानस्तंभ’ वस्तुतः ‘पीडीए-प्रकाशस्तंभ’ के रूप में हमारे ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के संकल्प का मार्ग सदैव प्रकाशित और प्रशस्त करता रहे। जब संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा। संविधान ही ढाल है, संविधान ही कवच है। संविधान ही गैर बराबरी दूर करके समता-समानता को सुनिश्चित करेगा और हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ बनाने के ‘महा-संकल्प’ को भी पूरा करेगा। समाजवादी पार्टी ने 26 जुलाई को प्रदेश मुख्यालय लखनऊ सहित सभी जिला कार्यालयों में ‘संविधान मान स्तंभ दिवस’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय के महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि संविधान ही देश में समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की सबसे बड़ी गारंटी है। जब तक संविधान सुरक्षित रहेगा, तब तक आरक्षण और समाज के वंचित वर्गों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि 26 जुलाई भारतीय सामाजिक न्याय के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। इसी दिन महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों और संकल्प को साकार करते हुए कोल्हापुर रियासत के राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज ने आरक्षण व्यवस्था लागू की थी। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने कहा कि इसी पहल ने आगे चलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान में सामाजिक न्याय और समान अवसर की व्यवस्था को मजबूत आधार देने की प्रेरणा दी।
ये भी पढें
फतेहपुर में 127 करोड़ की विकास परियोजनाएं, पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल और नर्सिंग कॉलेज बनेगा
उन्होंने कहा कि किसी भी विचार की वास्तविक शक्ति उसके व्यवहार में उतरने से सिद्ध होती है। शाहूजी महाराज ने समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए जो पहल की, वह आज भी सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणास्रोत है। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी हर वर्ष इस दिन को विशेष रूप से सामाजिक न्याय और संविधान के सम्मान के रूप में मनाती है। सपा प्रमुख ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के अधिकारों, सम्मान और समान अवसरों का सुरक्षा कवच है। संविधान ही वह आधार है, जो समाज में व्याप्त गैर-बराबरी को समाप्त कर समता और समानता की स्थापना करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत बनाए रखने के लिए संविधान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि ‘संविधान मान स्तंभ’ समाजवादी विचारधारा के लिए एक प्रेरणास्रोत है। यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के अधिकारों की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मान स्तंभ आने वाली पीढ़ियों को संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा सामाजिक न्याय की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना ही लोकतंत्र की वास्तविक सफलता है। इस दौरान प्रदेशभर के जिला कार्यालयों में भी संविधान के महत्व और सामाजिक न्याय पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
गोलियों से गूंजी राजधानी सआदतगंज के बाद अब कैसरबाग इलाके में गोलियों की बौछार
कौन हैं समरीन कौर? अर्शदीप सिंह ने ‘My Person’ कहकर किया प्यार का ऐलान, जानिए पूरी कहानी
व्यापार मंडल ने वृद्धाश्रम में बांटी खुशियां, 170 बुजुर्गों को फल, मिठाई और वस्त्र वितरित
दतिया में गरमाई चुनावी सियासत, BJP के प्रचार वाहन पर हमला


2 thoughts on “संविधान ही गैर बराबरी दूर करके समता-समानता को सुनिश्चित करेगा”
Comments are closed.