
बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की मौतों पर फूटा गुस्सा, आंदोलन का ऐलान
Outsourced Electricity Employees उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में लगातार हो रहे हादसों को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संगठन की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है कि पिछले 37 दिनों में बिजली विभाग से जुड़े 36 हादसे हुए, जिनमें 22 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 14 गंभीर रूप से घायल हैं।

कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और अन्य वितरण निगमों ने अपने ही आदेशों का उल्लंघन करते हुए करीब 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया। इससे कर्मचारियों की भारी कमी हो गई और मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव बढ़ गया।
संगठन का कहना है कि 11 केवी आउटगोइंग फीडरों पर जहां एक पूरी गैंग की तैनाती होनी चाहिए, वहां केवल एक कर्मचारी से काम कराया जा रहा है। इसके अलावा अकुशल कर्मचारियों से भी हाईटेंशन और लो टेंशन लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और ब्रेकरों पर कार्य कराया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार अवगत कराने के बावजूद प्रबंधन ने दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसी के विरोध में संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन के पहले चरण में 1 जून 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। लखनऊ में सुबह 10 बजे शक्ति भवन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी, जहां मृत कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
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