- होर्मुज में तनाव चरम पर, अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी दुनिया की नजर
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत भले ही पहले टूट चुकी हो, लेकिन नए संकेतों के अनुसार दोनों देश एक बार फिर संवाद की कोशिश में लगे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष अभी भी संपर्क में हैं और गुरुवार को नए दौर की बातचीत हो सकती है। हालांकि, अब तक किसी भी समझौते पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
ट्रंप का सख्त रुख: नाकाबंदी और धमकियां
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के खिलाफ सख्त बयान दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ देश ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी में मदद कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि करता है तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। उनके अनुसार, ईरान के साथ समझौते की सबसे बड़ी बाधा उसका परमाणु कार्यक्रम है, जिस पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव
फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश इस क्षेत्र में “नौवहन की स्वतंत्रता” बनाए रखने के लिए चर्चा कर रहे हैं। इस बीच चीन ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि होर्मुज मार्ग पर किसी भी तरह की नाकाबंदी वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। चीन ने साफ कहा है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार किया है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सऊदी अरब, कतर और रूस के नेताओं से बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की है। उन्होंने अमेरिका की नीतियों को “उकसाने वाली कार्रवाई” बताया और चेतावनी दी कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ईरान ने अपने सशस्त्र बलों को “अधिकतम सतर्कता” पर रहने का निर्देश दिया है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान अगले सप्ताह युद्धविराम खत्म होने से पहले आमने-सामने बातचीत पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले इस्लामाबाद में हुई लंबी वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी, लेकिन अब दोनों पक्ष फिर से बातचीत की संभावना तलाश रहे हैं।
ट्रंप के बयान और विवाद
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं होता तो स्थिति “काफी गंभीर” हो सकती है। उन्होंने पोप लियो XIV के ईरान युद्ध पर दिए गए बयान की आलोचना करते हुए कहा कि वह “गलत” हैं। इसके अलावा ट्रंप के सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक विवादित तस्वीर को बाद में हटा दिया गया, जिसने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया। लेबनान, इसराइल और हिजबुल्लाह से जुड़े क्षेत्रीय तनाव भी इस संकट को और जटिल बना रहे हैं। कई देश इस मुद्दे पर कूटनीतिक समाधान की कोशिश में लगे हैं, लेकिन हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं।
