- प्रधानमंत्री बालेन शाह ने की 17 देशों के राजदूतों से मुलाकात
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू होने के साथ ही क्षेत्रीय कूटनीति पर भी सबकी नजरें टिक गई हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता संभालते ही 17 देशों के राजदूतों से मुलाकात कर यह संकेत दिया है कि वह अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को गंभीरता से ले रही है। इस बैठक में भारत, चीन, अमेरिका जैसे बड़े देशों की मौजूदगी ने यह सवाल और अहम बना दिया है कि नेपाल की विदेश नीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
नेपाल, भौगोलिक और रणनीतिक रूप से भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में नई सरकार का रुख दोनों देशों के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर सकता है। वहीं भारत ने भी अपने स्तर पर संबंधों को मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाए हैं, जैसे बाराबंकी-बहराइच हाईवे प्रोजेक्ट, जो सीमा तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते बेहद गहरे हैं, और व्यापार के आंकड़े भी इसे साबित करते हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार इन संबंधों को किस तरह आगे बढ़ाती है।
