- AIG प्रशासन की कमीशनखोरी से जेलों का हाल बेहाल
- नशे मे धुत वार्डर के जेल में प्रवेश रोकना हेड वार्डर को पड़ गया भारी
- अधीक्षक ने कमाकर देने वाले चहेते वार्डर को बचाने के लिए जेलर को सौंपी जांच
लखनऊ। प्रदेश की कमाऊ कही जाने वाली बुलंदशहर जेल में सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मारपीट का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। नशे में धूत एक वार्डर को हेड वार्डर को रोकना भारी पड़ गया। जेल के सेकंड गेट पर नशे में धूत वार्डर बुजुर्ग हेड वार्डर को लात घुसों से पीटता रहा। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी पिट रहे हेड वार्डर को बचाने के बजाए खड़े होकर तमाशा देखते रहे। मामला अधीक्षक के पास पहुंचने पर उन्होंने कार्यवाही करने के बजाए मामले की जांच जेलर को सौंप कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक घटना 25 मार्च के आसपास की बताई जा रही है। वित्तीय वर्ष का अंतिम सप्ताह होने की वजह से मुख्यालय के एआईजी प्रशासन धर्मेंद्र सिंह जिनके पास जेलों की प्रशासनिक गतिविधियों पर निगाह रखने की जिम्मेदारी है वह मसालों और आधुनिक उपकरणों की खरीद फरोख्त की कमीशनखोरी में जुटे हुए थी वही दूसरी ओर जेल में वार्डर हेड वार्डर की कुटाई करने में जुटा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि 25 मार्च की रात करीब 11 बजे नशे में धूत वार्डर भारत सरकार जेल में प्रवेश करता है। वार्डर की दयनीय हालत देख हेड वार्डर हवलदार सिंह उसे रोकने का प्रयास करता है। वार्डर को हेड वार्डर का रोकना इतना नागवार लगा कि उसने हेड वार्डर को सेकेंड गेट पर बुलाकर उसकी जमकर धुनाई कर दिया। मौके पर मौजूद नीतपाल सिंह, गेट कीपर गिरवर सिंह हेड वार्डर को बचाने के बजाए तमाशा देखते रहे। इसकी पुष्टि जेल गेट पर लगे सीसीटीवी से की जा सकती है।
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सूत्र बताते है कि पिटाई का शिकार हुआ हेड वार्डर जब मामले की शिकायत करने के लिए जेलर के आवास पर पहुंचा तो उन्होंने उससे सुबह आने की बात कहकर मिलने से मना कर दिया। पूरी रात इधर उधर भटकने के बाद भी पिटाई का शिकार हुए हेड वार्डर हवलदार सिंह को कोई राहत नहीं मिली। अगले दिन सुबह जब मामला अधीक्षक के पास पहुंचा तो उन्होंने जेल गेट पर अराजकता करने वाले आरोपी वार्डर भारत सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मामले की जांच जेलर अशोक कुमार को सौंप कर इस गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। बताया गया कि पिटाई करने वाला वार्डर अधीक्षक का काफी करीबी और कमाकर देने वाला है। उधर इस संबंध में जब बुलंदशहर जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा मामले की जांच जेलर को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
