भारतीय खाने में राजमा का अपना अलग ही स्थान है। खासतौर पर राजमा-चावल की डिश देश के कई हिस्सों में बेहद पसंद की जाती है। लेकिन स्वादिष्ट राजमा बनाने के लिए जरूरी है कि दाल अच्छी तरह से पकी और मुलायम हो। कई बार लोग शिकायत करते हैं कि घंटों पकाने के बाद भी राजमा ठीक से नहीं गलता, जिससे पूरी डिश का स्वाद प्रभावित हो जाता है। दरअसल बाजार में राजमा की कई किस्में मिलती हैं, जिनमें लाल राजमा और चितरा राजमा सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। बहुत से लोग यह समझ नहीं पाते कि इन दोनों में से कौन सा राजमा जल्दी पकता है और कौन सा स्वाद में बेहतर होता है।
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चितरा राजमा को अक्सर धब्बेदार राजमा भी कहा जाता है। इसके ऊपर लाल और सफेद रंग के छोटे-छोटे धब्बे होते हैं। यह आकार में बड़े लाल राजमा की तुलना में थोड़ा छोटा होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जल्दी पक जाता है और पकने के बाद नरम और गूदेदार हो जाता है। इसलिए घरों में रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए अधिकतर लोग इसी राजमा को खरीदना पसंद करते हैं। दूसरी तरफ लाल राजमा आकार में थोड़ा बड़ा और रंग में गहरा लाल होता है। यह थोड़ा सख्त होता है, इसलिए इसे पकने में ज्यादा समय लगता है। पंजाब, जम्मू और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है। ढाबों और होटलों में अक्सर इसी राजमा का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि पकने के बाद इसका स्वाद काफी गाढ़ा और समृद्ध लगता है।
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हालांकि लाल राजमा की भी अलग-अलग किस्में होती हैं। जम्मू क्षेत्र में मिलने वाला छोटे आकार का लाल राजमा जल्दी पक जाता है और स्वाद के मामले में भी काफी लोकप्रिय माना जाता है। पोषण के लिहाज से देखें तो दोनों प्रकार के राजमा काफी फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रोटीन, आयरन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यही कारण है कि यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। कुल मिलाकर अगर आप जल्दी पकने वाला और नरम राजमा चाहते हैं तो चितरा राजमा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप गाढ़े स्वाद वाला पारंपरिक राजमा खाना पसंद करते हैं तो लाल राजमा भी अच्छा विकल्प है।
