- कस्टम ऑफिस और बस स्टैंड के पास फैली गंदगी से उठे सवाल
- मोदी के स्वच्छता अभियान पर सोनौली नगर पंचायत लगा रहा है पलीता
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली/महाराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित आदर्श नगर पंचायत सोनौली जहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों और सैलानियों की आवाजाही रहती है, आज स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। “स्वच्छ पेयजल नगर पंचायत सोनौली, जनपद महाराजगंज” का बोर्ड तो जरूर लगा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। कस्टम ऑफिस, पुलिस पिकेट, वाटर एटीएम और बस स्टैंड जैसे अति-व्यस्त और संवेदनशील स्थलों के आसपास कूड़े के ढेर और बदहाल सफाई व्यवस्था ने नगर पंचायत के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जहां एक ओर यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़ा होने के कारण देश की छवि का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं दूसरी ओर यहां फैली गंदगी स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। यात्रियों और व्यापारियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वच्छता अभियान पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, सोनौली नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था लचर दिखाई दे रही है, जिससे सरकारी अभियानों की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है कि नगर पंचायत प्रशासन इस ओर कब तक ध्यान देता है और कब तक इस महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने की ठोस पहल की जाती है।
