- सेसमी वर्कशॉप और एबॉट का संयुक्त प्रयास
- बचपन से स्वस्थ आदतें ही सशक्त भविष्य की नींव : लीना जौहरी
लखनऊ। सेसमी स्ट्रीट के पीछे काम करने वाली वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था सेसमी वर्कशॉप ने स्वास्थ्य सेवा कंपनी एबॉट के सहयोग से भारत में बच्चों और परिवारों के लिए स्वस्थ आदतों से जुड़े नए संसाधनों की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य बचपन से ही पोषण, शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद जैसी स्वस्थ दिनचर्या को बढ़ावा देना है, ताकि बच्चों के जीवनभर के स्वास्थ्य की मज़बूत नींव रखी जा सके और भविष्य में बीमारियों का खतरा कम हो। भारत में इस कार्यक्रम के तहत एबॉट और सेसमी वर्कशॉप की ओर से हिन्दी भाषा में स्वास्थ्य से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परिवारों के लिए इन बातों को समझना और अपनाना आसान हो सके। यह कार्यक्रम भारत की स्थानीय संस्कृति, समुदाय और बच्चों व देखभाल करने वालों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पहल के अंतर्गत ‘एल्मोज़ वर्ल्ड: डांस पार्टी’ नामक एक विशेष पारिवारिक कार्यक्रम हिन्दी में भारत के यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया गया है। इसमें सेसमी स्ट्रीट के लोकप्रिय पात्र, संगीत और मज़ेदार गतिविधियाँ शामिल हैं, जो बच्चों और अभिभावकों को मिलकर स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ लखनऊ में महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने किया है। इस अवसर पर सरकार, सेसमी वर्कशॉप इंडिया, एबॉट इंडिया और स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह आयोजन जमीनी स्तर पर बचपन से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वस्थ आदतों से जुड़े विभिन्न संसाधन उपलब्ध कराए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि समुदाय और सरकारी सहयोग स्वस्थ व्यवहार को आगे बढ़ाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संसाधनों में सेसमी स्ट्रीट के पात्रों के माध्यम से खेल-आधारित सीख और आसान गतिविधियाँ शामिल हैं, जो बच्चों और माता-पिता दोनों के लिए उपयोगी हैं। भारत में इस कार्यक्रम के तहत हिन्दी भाषा में कहानी की किताबें, गतिविधि पुस्तकें, योग गाइड, कैलेंडर, फ्लैशकार्ड और इंटरैक्टिव खेल उपलब्ध कराए गए हैं। ये संसाधन आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक मंचों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिये परिवारों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं तक पहुँचाए जा रहे हैं। शुभारंभ अवसर पर लीना जौहरी ने बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान देने की ज़रूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, सही दिनचर्या और सकारात्मक सोच जैसी आदतें बचपन से अपनाने पर बच्चे स्वस्थ और सशक्त बनते हैं। उन्होंने दूरदराज़ और वंचित क्षेत्रों में विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सरकार, समुदाय, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के बीच सहयोग को आवश्यक बताया। इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए सेसमी वर्कशॉप इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर सोनाली खान ने कहा कि यदि स्वस्थ आदतें बचपन में विकसित की जाएँ, तो वे जीवनभर के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से वे आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर 10 हजार से अधिक बच्चों और देखभाल करने वालों तक सीधे पहुँच बना रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिये लाखों परिवारों से भी जुड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में चल रहे सरकारी कार्यक्रमों के साथ यह पहल पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास के प्रयासों को मज़बूत करती है।
एबॉट इंडिया की डायरेक्टर, ग्लोबल सिटिज़नशिप एंड सस्टेनेबिलिटी, पूनम शर्मा ने कहा कि भारत में बच्चों और किशोरों में मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। स्वस्थ आदतों की शुरुआत बचपन से ही होती है। सेसमी वर्कशॉप के साथ मिलकर उन्होंने शोध-आधारित और निःशुल्क संसाधनों वाला ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है, जो परिवारों को छोटे-छोटे कदमों से स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ने में मदद करता है। इस मौके पर सेसमी वर्कशॉप इंडिया के संजय कुमार, नूरुल हक़, डॉ. जयंती प्रकाश, भवनीत सिंह और निशांत बरुआह सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान समुदाय में स्वस्थ आदतों को अपनाने में फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका पर जोर दिया गया। इन संसाधनों के माध्यम से सेसमी वर्कशॉप और एबॉट इंडिया का लक्ष्य बच्चों, देखभाल करने वालों और आंगनबाड़ी से जुड़े फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना है, ताकि वे रोज़मर्रा के छोटे कदमों से बच्चों के शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।
