केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश “विकसित भारत का इंजन” बनेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध और अनेक महान विभूतियों की भूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है।
लखनऊ में नवनिर्मित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने इस स्थल को शहरी विकास का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जहां कभी 65 एकड़ में फैला कचरे का पहाड़ हुआ करता था, आज वहीं एक प्रेरणादायक स्मारक खड़ा है। यह परिवर्तन भाजपा सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें कचरे को भी संपदा में बदला जा सकता है।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से अब तक 13 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है। ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल अब उत्तर प्रदेश की सीमाओं से निकलकर पूरे देश में अपनाई जा रही है और स्थानीय उद्यमिता को मजबूती दे रही है।
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उन्होंने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश भारत की “अन्न की टोकरी” बन चुका है। कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और किसानों के सशक्तिकरण ने राज्य को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत बनाया है। साथ ही, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह वह सपना है, जिसका देश 550 वर्षों से इंतजार कर रहा था।
राजनीतिक संदर्भ में अमित शाह ने आगामी चुनावों को लेकर जनता से अपील की कि वे जाति से ऊपर उठकर विकास के नाम पर मतदान करें। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य को लूटने का काम किया, जबकि वर्तमान सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है।
उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस 24 जनवरी को मनाया जाता है। वर्ष 1950 में इस दिन संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था। तब से लेकर आज तक यह राज्य भारत की राजनीति, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज और सारनाथ जैसे धार्मिक केंद्र उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को और मजबूत करते हैं।
