- महिला डॉक्टर शाहिन सहित आधा दर्जन आतंकियों से हो रही पूछताछ
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए भर्ती कर रही डॉ शाहीन शाहिद हरियाणा या यूपी में नए आतंकियों के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने की तैयारी में थी। गिरफ्तार डॉ शाहीन शाहिद, डॉ परवेज अंसारी, डॉ आदिल व डॉ मुजम्मिल से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इसके लिए हरियाणा के फरीदाबाद से लेकर लखनऊ में वे बैठक कर चुके थे। सनद रहे कि गिरफ्तार आतंकियों में भाई-बहन डॉ शाहीन शाहिद व डॉ परवेज अहमद अंसारी लखनऊ के डालीबाग और मड़ियांव के आईआईएम रोड रहने वाला है।
देश व प्रदेश आतंकी हमला करने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, इंडियन मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा हो या फिर आइएस का माड्यूल बहुत पहले से सक्रिय रहा, जब-जब कहीं बम धमाके हुए किसी न किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली जैसे कि देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास सोमवार को हुए बम ब्लास्ट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इस ख़तरनाक वारदात ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद फिर युवाओं को गुमराह कर उन्हें ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है।
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जानकार बताते हैं कि इसके लिए आतंकी संगठन बकाएदा कैंप लगाकर बम बनाने और हथियार चलाने तक की ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है दिल्ली में बम धमाका करने से पहले आतंकियों ने कहां-कहां और किन-किन स्थानों पर कैंप के लिए चुना था। गिरफ्तार आतंकियों के तार कहां तक जुड़े हुए हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए फिलहाल जांच एजेंसियां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
आखिर असली जालिम कौन जो बम धमाका कर ली बेगुनाहों की जान
इस्लाम के बारे अच्छे जानकार बताते हैं कि इस्लाम में किसी के साथ किसी तरह का जुल्म करना नहीं दर्शाया गया है। वे पुलवामा, पहलगाम और देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास हुई घटना का हवाला देते हुए कहते हैं जिस किसी ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया वह इंसान नहीं बल्कि बहुत बड़ा ज़ालिम है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को कत्तई न बख्शा जाए क्यों कि ये लोग मालूम नहीं कितने लोगों के परिवार का सहारा छीन लिया है। इस तरह का क्रूर चेहरा पेश करने वाले को इंसान का दर्जा नहीं बल्कि उसे ज़ालिम ही कहना बेहतर होगा। यही नहीं ज़ालिम किसके इशारे पर नाच कर बेगुनाहों को मौत की नींद सुला रहा है वह बड़ा ही नहीं महा बड़ा ज़ालिम है।
