बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों को कर रहा तैयार

  • ‘शब्दों में राष्ट्रभाव’ रचेंगे परिषदीय नौनिहाल और KGBV की बालिकाएं
  • अरविंद राष्ट्रीय इतिहास निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र
  • विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास की दिशा में लगातार हो रहीं नई-नई पहलें
  • 10 से 15 दिसंबर के बीच होने वाली प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरेंगे परिषदीय बच्चे
  • भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं फाउंडेशन फॉर इंडियन हिस्टोरिकल एंड कल्चरल रिसर्च (FIHCR) के सहयोग से होगा आयोजन

लखनऊ। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास की दिशा में लगातार नई पहलें कर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (KGBVs) में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए अरविंद राष्ट्रीय इतिहास निबंध प्रतियोगिता 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं फाउंडेशन फॉर इंडियन हिस्टोरिकल एंड कल्चरल रिसर्च (FIHCR) के सहयोग से 10 से 15 दिसम्बर 2025 तक आयोजित होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, अभिव्यक्ति और ऐतिहासिक चेतना का विकास करना है, ताकि वे अपने ज्ञान और कल्पनाशक्ति के माध्यम से भारत की अमर संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को महसूस कर सकें। कक्षा 7, 8 एवं 9 के परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी की छात्राएं इसमें भाग लेकर अपने विचार, भाषा कौशल और इतिहास के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करेंगी।

इस सम्बन्ध में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में लेखन के प्रति रुचि जगाना और उन्हें यह एहसास कराना है कि भारत का इतिहास एक जीवंत प्रेरणा है। यह पहल विद्यार्थियों में अंग्रेज़ी दक्षता और रचनात्मक सोच को बढ़ाएगी तथा उनमें यह आत्मविश्वास भी जगाएगी कि उनके भीतर भी सृजन की वह शक्ति है, जो राष्ट्र के भविष्य को गढ़ सकती है। यह निबंध प्रतियोगिता, उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और सृजनशीलता की नई ज्योति प्रज्वलित करने जा रही है।

निबंध लेखन के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति को बल

यह प्रतियोगिता एक शैक्षणिक गतिविधि के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भारत की सांस्कृतिक आत्मा से संवाद का अवसर है। बता दें कि निबंध के विषय स्वतंत्रता संग्राम के अनसुने नायकों, भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण, प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों पर केंद्रित रहेंगे। इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, गौरव और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रदेश के हर जिले के विद्यार्थियों की होगी सक्रिय भागीदारी

राज्य के सभी जिलों में स्थित परिषदीय विद्यालयों एवं केजीबीवी संस्थानों को इस प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को प्रेरित करने तथा उनकी अभिव्यक्ति को सही दिशा देने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतियोगिता के आयोजन, मूल्यांकन और उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

महानिदेशक स्कूल ने कहा: नवाचार की नई राह है

महानिदेशक स्कूल मोनिका रानी का कहना है कि यह पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और सोच को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। वे इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र की आत्मा से गहरे जुड़ाव का अनुभव भी कर सकेंगे।

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