…एक और गांधी की तलाश?

Mahatma Gandhi NayaLook
  •  भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह जरुरी
  •  आत्मचितन की प्रवृत्ति बढ़े
  • पारिवारिक संस्थाओ मे मचा है उथल पुथल
  •  साधु संत भी ग्लैमर की बजाय साधना पर दे जोर
  • शिक्षा और चिकित्सा मे शुचिता लायें- बंद हो धनादोहन
  •  व्यवसाई बंद करे मिलावट
  • भूमाफिया और शिक्षा माफिया पर लगे लगाम
बलराम कुमार मणि त्रिपाठी
बलराम कुमार मणि त्रिपाठी

भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए एक और गांधी की तलाश है। जो ईमानदारी से सत्ता शासन मे बैठ‌ कर कमीशन खोरी और रिश्वत लेनै मे मशगूल हैं उनके खिलाफ जनता को जगा सके और व्यवसाय जगत मे मिलावट खोरी कर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालो पर लगाम लगा सके। हमे शिक्षा और भूमाफियो के खिलाफ भी संघर्ष करने वालो की जरुरत है। साथ ही झूठा वायदा कर सत्ता हथियाने वालो के खिलाफ भी महात्मा गांधी की तरह अहिंसक सत्याग्रही की तलाश है। हम तोड़ फोड़ आगजनी के तरीको पर विश्वास नहीं करते पर सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए राजनीतिक शुचिता कायम करने के पक्ष मे हैं। काम कठिन है किंतु असंभव नहीं। असत्य ,अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा होना ही होगा। अन्यथा लोकतंत्र खतरे मे पड़ जाएगा। आजादी के संघर्ष के बाद मिली ल़ोकतंत्र रुपी गंगा दिनो दिन अत्यंत प्रदूषित होती जारही है। इस गंगा का शुद्धिकरण करना होगा।

ये भी पढ़े

नामजद आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं, सपा कार्यकर्ताओ का प्रदर्शन

इमर्जेंसी के बाद जेपी आंदोलन मे कुछ उम्मीद बंधी थी, पर चार साल मे ही वह धराशाई होगई। सत्तालोलुपों ने ठीक से शासन चलने नही दिया जनता दल  खंड होगया। फिर भ्रष्टाचार का ऐसा तांडव नर्तन हुआ कि सारी संस्थायें आकंठ उसमे डूब गईं। वित्तविहीन मान्यता देकर शिक्षा विभाग को भी भ्रष्टता के शीर्ष पर पहुंचा दिया। प्राईवेटाजेशन कर सरकारी संस्थाओ को बेहतर बनाने की कोशिश बेकार साबित हुई और चिकित्सा मे जांच के नाम पर मरीजो की लूट जारी हो गई। परिणाम स्वरूप शिक्षा और चिकित्सा महंगी होती गई।

ये भी पढ़े

बरेली में तनाव, पुराने मोहल्लों की दुकानों और घऱों में ताले

अन्ना आंदोलन मे एंटी काग्रेस मूवमेंट चला। सत्ता बदली पर व्यवस्था ज्यों की त्यों बनी रही।अब एक दूसरे की धोती खिंचौवल शुरू हुई और विपक्ष को नंगा करने और अपनो को सुरक्षा देने का‌ दौर चला। मूल समस्याये ज्यों की त्यो रही। सत्ता नृशंश होती गई,भ्रष्टाचारी निरंकुश। थोड़ा बहुत बदलाव दिखा पर वे ढाक के तीन पात ही सिद्ध हुए। हमारे देश के बुद्विजीवी इससे आहत है,संवेदन शील चिंतित है और राजनीतिक पार्टियां सिर्फ वोट पाने तक सीमित होकर रह गई हैं।

ये भी पढ़े

… जो राम को लाएं हैं गाने पर बवाल, पथराव में तीन घायल

प्राकृतिक आपदाये चैलेंज बन कर आती रहीं है और आ भी रही हैं। उनसे बचाव के लिए हमे पर्यावरण पर ध्यान देना ही होगा। पारिवारिक संस्थाओ मे तेजी से बदलाव आरहा है। प्रेम विवाह के नाम पर विकृत मानसिकतायें धर्म जाति का वंधन तोड़ कर नये नये प्रयोग करने मे जुटी है। जिसमे पति-पत्नी के बीच रिश्ते बिखरने लगे ,तीसरा भी घटक शामिल होकर सामाजिक विकृति पैदा कर रहा है‌। युवा असंयमित होरहे हैं और वृद्ध लाचार। फलत: परिवार के परिवार तहस नहस होते जारहे है। आपसी प्रेम घट रहे और स्वार्थ से पारिवारिक विघटन तेजी से बढ़ रहा है।

ये भी पढ़े

न्यूयार्क में बड़ा विमान हादसा, दो जहाज टकराए

साधु संत के प्रति वह आदर भाव नही रहा जो पहले था। तरह तरह के रूप धर कर कथावार्ताये चल रहीं। चारित्रिक शुद्धि पर ध्यान देने के बजाय वस्त्र और ग्लैमर कथा वक्ताओ मे अधिक देखा जारहा,जिसमे आध्यात्मिक जीवन के बजाय चमक दमक की प्रधानता दिखने लगी। इसलिए सकारात्मक संदेश समाज को नहीं मिल पारहा। इस तरह हर तरफ विकृतियो को पनपने का अवसर मिल रहा है। काश इस देश को तपस्वी साधक और ईमानदारी से देश हित की सोचने वाले मिल पाते? एक और गांधी जेसा व्यक्तित्व मिल पाता जो सबको दिशा दे पाता?

Spread the love

Crime News homeslider

एक पिता की दुर्दांत कहानी सुनकर दहल गई दिल्ली

पैर छुए, फिर किया वार, पिता ने किया प्रैग्नेंट बेटी का कत्ल DelhiCrime news : राजधानी दिल्ली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली में रहने वाली 18 वर्षीय गर्भवती युवती की उसके पिता ने कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को आगरा के पास चंबल नदी में […]

Spread the love
Read More
homeslider National

भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 की वो क्रांति, जिसने अंग्रेजों को हिला दिया

Quit India Movement : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आठ अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ था। इस आंदोलन को अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश शासन […]

Spread the love
Read More
Pakistan-Saudi-Turkey Deal
homeslider International

भारत-पाक जंग में तुर्किए-सऊदी किसके साथ? समझें ‘मुस्लिम NATO’ समझौता

Pakistan-Saudi-Turkey Deal :  पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए नए रक्षा समझौते ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। तीनों देशों ने शुक्रवार को मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों देशों के खिलाफ […]

Spread the love
Read More