
Amarmani Tripathi case: उत्तर प्रदेश के चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में सोमवार को बस्ती की MP-MLA कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन गवाही के लिए कोई भी गवाह अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। गवाहों के पेश नहीं होने के कारण मामले में सबूतों की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी। उस दिन भी गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं।
गवाहों के खिलाफ जारी हो चुका है वारंट
बस्ती के विशेष सत्र न्यायाधीश EC एक्ट/MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड की सुनवाई चल रही है। मामले में जिन गवाहों की गवाही अभी तक दर्ज नहीं हो सकी है, उनके खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
बताया गया कि अदालत की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई गवाह गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। वारंट जारी होने के बाद कुछ गवाह अदालत में पहुंचे और मामले में सबूतों की कार्रवाई आगे बढ़ी। वहीं, इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
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अब तक 14 गवाहों के बयान दर्ज
राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में अब तक कुल 14 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें घटना के समय बस्ती जिले में तैनात रहे तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह, पीड़ित राहुल मद्धेशिया के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी के गवाह शिवा, पूर्व CO अविनाश मिश्र, संजय और शमशेर बहादुर सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा एसटीएफ के हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह का बयान भी दर्ज किया जा चुका है। हालांकि अभी कई गवाहों की गवाही बाकी है, जिसके कारण मामले की सुनवाई आगे बढ़ने में समय लग रहा है।
छह दिसंबर 2001 को हुआ था राहुल का अपहरण
राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड छह दिसंबर 2001 का है। आरोप के मुताबिक, बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहे के पास सुबह करीब पौने आठ बजे धर्मराज मद्धेशिया के बेटे और स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था।
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घटना के बाद पुलिस और STF ने जांच शुरू की। राहुल को STF लखनऊ की टीम ने पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के आवास से बरामद किया था। इसके बाद राहुल के पिता धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर बस्ती कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले धर्मराज मद्धेशिया का अब निधन हो चुका है।
कौन हैं अमरमणि त्रिपाठी?
अमरमणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और कई बार विधायक रह चुके हैं। वह महाराजगंज की नौतनवां विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह कल्याण सिंह की भाजपा सरकार और मायावती की बसपा सरकार में मंत्री भी रहे।
अमरमणि त्रिपाठी का नाम कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में भी सामने आया था। इस मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और उन्होंने करीब 19 साल जेल में बिताए। बाद में बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को देखते हुए अदालत के आदेश के बाद उन्हें रिहा किया गया। राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में अब अदालत की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।
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