चीनी पैकेजिंग पर बढ़ा विवाद, हर साल ₹800 करोड़ अतिरिक्त खर्च का दावा

Jute packaging for sugar

चीनी की जूट पैकेजिंग पर सवाल

Jute packaging for sugar: चीनी की पैकेजिंग को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) और राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ (NFCSF) ने केंद्र सरकार से चीनी की जूट की बोरियों में अनिवार्य पैकेजिंग से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। दोनों संगठनों ने दावा किया है कि मौजूदा पैकेजिंग व्यवस्था से चीनी उद्योग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर भी चिंताएं पैदा हो रही हैं। दरअसल, सरकार ने अक्टूबर 2024 में चीनी मिलों के लिए पैकेजिंग से जुड़ा निर्देश जारी किया था। इसके तहत चीनी के उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा जूट की बोरियों में पैक करना अनिवार्य किया गया था। ISMA और NFCSF अब इसी अनिवार्यता को हटाने की मांग कर रहे हैं।

5 करोड़ से ज्यादा गन्ना किसानों पर असर का दावा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SAC की 34वीं बैठक में चीनी उद्योग से जुड़े दोनों संगठनों ने जूट पैकेजिंग के प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। उनका कहना है कि इसका असर केवल चीनी मिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों गन्ना किसानों पर भी पड़ सकता है। संगठनों के अनुसार, चीनी की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली जूट की बोरियां अन्य विकल्पों की तुलना में महंगी पड़ती हैं। इससे चीनी उत्पादन की कुल लागत बढ़ने की संभावना रहती है और इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव किसानों पर भी पड़ सकता है।

ये भी पढें

भूटान पर चीन की नजर! कंवल सिब्बल ने खोली ड्रैगन की रणनीति, भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

जूट की बोरियों से कैंसर का खतरा

ISMA और NFCSF ने जूट की बोरियों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले जूट बैचिंग ऑयल (JBO) को लेकर भी चिंता जताई है। उनके मुताबिक, JBO पेट्रोलियम आधारित पदार्थ है और इसमें पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAH) पाए जा सकते हैं। संगठनों का दावा है कि PAH में कुछ यौगिक कैंसरकारी माने जाते हैं और जूट की बोरियों में मौजूद तेल के अवशेष खाद्य पदार्थ के संपर्क में आने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी चिंता पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह स्वास्थ्य संबंधी दावा ISMA और NFCSF की ओर से उठाया गया मुद्दा है। जूट की बोरियों में पैक चीनी से कैंसर होने की बात को इस खबर में स्थापित वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। इसके लिए नियामक संस्थाओं और वैज्ञानिक अध्ययनों से स्पष्ट प्रमाण जरूरी होंगे।

हर साल ₹800 करोड़ अतिरिक्त खर्च का दावा

चीनी उद्योग के दोनों संगठनों ने पैकेजिंग की लागत को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, जूट की बोरियां दूसरे पैकेजिंग विकल्पों की तुलना में करीब 2.5 से 3 गुना तक महंगी पड़ती हैं। इससे चीनी उद्योग पर हर साल लगभग ₹800 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। संगठनों का तर्क है कि इस अतिरिक्त खर्च को कम किया जा सकता है और बची हुई राशि का इस्तेमाल गन्ना किसानों के हित में किया जा सकता है।

नमी से चीनी की गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता

ISMA और NFCSF का कहना है कि चीनी नमी को तेजी से सोखती है, जबकि जूट भी नमी को बनाए रखने वाला पदार्थ है। ऐसे में जूट की बोरियों में लंबे समय तक चीनी रखने पर उसमें गांठ बनने, जमने और स्टोरेज लाइफ प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसी आधार पर दोनों संगठनों ने सरकार से चीनी की जूट पैकेजिंग की अनिवार्यता पर दोबारा विचार करने की अपील की है

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

अजिंक्य रहाणे के रिटायरमेंट पर सचिन हुए निराश, विराट-रोहित ने भी की बात

कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं- देश विरोधी ताकतों के हाथ में पड़ गए

15 अगस्त से भारत-श्रीलंका टेस्ट, टीवी और मोबाइल पर यहां देख पाएंगे लाइव

Gold-Silver Price Today: सोना ₹2,790 और चांदी ₹10,100 महंगी, जानें आज का नया रेट

दिल्ली में हाई अलर्ट, पुलिस ने जारी किए 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर

 

Spread the love

One thought on “चीनी पैकेजिंग पर बढ़ा विवाद, हर साल ₹800 करोड़ अतिरिक्त खर्च का दावा”

Comments are closed.

New Delhi
Business

बर्गर सिंह ने असम में बढ़ाया विस्तार, राज्य में 25+ आउटलेट्स खोलने का लक्ष्य

New Delhi: भारत की होमग्रोन बर्गर QSR चेन बर्गर सिंह ने नॉर्थ ईस्ट के बाजार में अपनी विस्तार रणनीति को आगे बढ़ाते हुए असम के जोरहाट में अपना पहला आउटलेट शुरू किया है। कंपनी के लिए यह राज्य में दूसरा स्टोर है। ब्रांड का कहना है कि जोरहाट में नई शुरुआत असम के साथ-साथ पूरे नॉर्थ […]

Spread the love
Read More
New Delhi
National Politics

बंगाल चुनाव में BJP ने खर्च किए 287 करोड़

कांग्रेस ने केरल में 105 करोड़ फूंके New Delhi: पश्चिम बंगाल, केरल समेत पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च का ब्योरा सामने आया है। चुनाव आयोग को जमा कराई गई खर्च रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने पांचों चुनावों में कुल 529.38 करोड़ रुपये […]

Spread the love
Read More
 New Delhi
National Politics

दीपके बोले- धांधली वाले चुनाव में क्यों लेते हैं हिस्सा?

 New Delhi: चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए हैं। दीपके का कहना है कि यदि विपक्ष को वास्तव में लगता है कि चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी हो रही है, तो उसे ऐसे चुनावों में लगातार […]

Spread the love
Read More