NEET-UG पेपर लीक विवाद: छात्रों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट, सबूत सुरक्षित रखने का दिया आदेश

Supreme Court

NEET-UG 2026 प्रदर्शन मामला

NEET-UG Protest: पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और कई राज्यों से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि फिलहाल प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि याचिकाओं में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें पुलिस की ओर से जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने की बात कही गई है।

याचिका में लगाए गए आरोप

याचिकाओं के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, पैलेट गन, रबर बुलेट, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया। यह भी कहा गया कि कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आईं और एक छात्र की आंख की रोशनी जाने का भी दावा किया गया है। एक महिला समेत कई लोगों के घायल होने और एक पत्रकार के साथ मारपीट के आरोप भी लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान दूसरी ओर घायल पुलिसकर्मियों की तरफ से भी अपना पक्ष रखा गया। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे 280 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। इस संबंध में फोटो और वीडियो भी कोर्ट के सामने रखे गए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच कराने पर कोई आपत्ति नहीं रखती, लेकिन पुलिस पर लगाए गए ज्यादा बल इस्तेमाल करने के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने हिंसा की।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया आदेश?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत दिखाई देती है। हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और संबंधित राज्यों को अपना पक्ष हलफनामे के जरिए रखने का मौका दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्य सचिवों को भी नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग, वायरलेस रिकॉर्ड और दूसरे सबूत सुरक्षित रखे जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों, खासकर छात्रों की निजी जानकारी और डिजिटल डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाए। कोर्ट ने साफ किया कि दर्ज FIR की जांच जारी रह सकती है, लेकिन प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है।

 

NEET 2026 Row: ‘Are Students A Joke?’ Aspirants Slam NTA After Paper Leak Shock | Outlook India

इसके अलावा कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान पकड़े गए 18 साल से कम उम्र के ऐसे बच्चों को रिहा किया जाए, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्हें साधारण बॉन्ड पर छोड़ा जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी।  NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों और उसके दौरान हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और कई राज्यों से पूरे मामले पर विस्तृत जवाब मांगा गया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाओं में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक प्रतीत होती है। अदालत ने कहा कि अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

ये भी पढें

Delhi Protest : छात्र प्रदर्शन पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- ‘जब बोला है, तो सुनना भी पड़ेगा’

पुलिस ने भी रखा अपना पक्ष

याचिकाकर्ताओं की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया। आरोपों के अनुसार प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, रबर बुलेट, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक छात्र की आंख की रोशनी प्रभावित होने का दावा किया गया है। इसके अलावा एक महिला प्रदर्शनकारी और कई अन्य लोगों के घायल होने तथा एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की बात भी अदालत के सामने रखी गई।

दूसरी ओर, घायल पुलिसकर्मियों की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 280 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इस दावे के समर्थन में अदालत के समक्ष फोटो और वीडियो भी प्रस्तुत किए गए। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए तैयार है, लेकिन पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को स्वीकार नहीं करती। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने हालात को हिंसक बनाया।

सबूत सुरक्षित रखने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन से संबंधित CCTV फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग, वायरलेस संचार रिकॉर्ड और अन्य सभी सबूत संरक्षित किए जाएं ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके।

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शनकारियों, विशेष रूप से छात्रों की निजी जानकारी और डिजिटल डेटा सार्वजनिक न किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि दर्ज एफआईआर की जांच जारी रह सकती है, लेकिन केवल प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर छात्रों के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है।

नाबालिगों को राहत, अगली सुनवाई 3 अगस्त को

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों को, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जल्द रिहा किया जाए। आवश्यकता होने पर उन्हें साधारण बॉन्ड पर छोड़ा जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्य सचिवों सहित संबंधित सरकारों को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी, जहां अदालत सभी पक्षों की दलीलों पर आगे विचार करेगी।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

IPS अधिकारी तरुण गाबा बने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर

विधायक आवास में सातवीं मंजिल से गिरे पूर्व मंत्री भुर्जी की मौत

भारत-अमेरिका संबंधों को नई रफ्तार, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और AI में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

शिल्पा शेट्टी के नाम से वायरल हुआ फर्जी बयान, अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर किया खुलासा

Delhi Protest : छात्र प्रदर्शन पर भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- ‘जब बोला है, तो सुनना भी पड़ेगा’

 

Spread the love

One thought on “NEET-UG पेपर लीक विवाद: छात्रों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट, सबूत सुरक्षित रखने का दिया आदेश”

Comments are closed.

National

असम बाढ़ पीड़ितों के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने खोला खजाना

Assam Flood Relief : असम के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस आपदा के बीच रिलायंस फाउंडेशन ने राहत और बचाव अभियान शुरू करते हुए प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने का फैसला किया है। फाउंडेशन के अनुसार, शिवसागर और चराइदेव जिलों के कम […]

Spread the love
Read More
Freedom Struggle
Entertainment National

“आज़ाद और आज़ादी” समकालीन चुनौतियों पर तीखा प्रश्न

Freedom Struggle:  (रितेश सिन्हा) महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर आर्ट्स न्यू वे ऑर्गेनाइजेशन (AANW) एवं विराट एक्टिंग लैब के संयुक्त सहयोग से मंडी हाउस स्थित LTG ऑडिटोरियम के ब्लैंक कैनवास सभागार में “आज़ाद और आज़ादी” शीर्षक से कविता और कथन पर आधारित एक प्रभावशाली रंगमंचीय प्रस्तुति का आयोजन किया […]

Spread the love
Read More
Supreme Court
National

CJP प्रदर्शन पर SC का बड़ा आदेश, नाबालिग छात्रों की रिहाई और पुलिस कार्रवाई की जांच के निर्देश

CJP Protest: SC Order :  CJP प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली समेत सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के उन सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए, जिन्हें हिरासत में लिया गया है और जिनका कोई पुराना […]

Spread the love
Read More