
योगी कैबिनेट का फैसलाः 29 में से 28 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
जलालाबाद का नाम बदलकर होगा परशुरामपुरी
होमगार्ड्स को कैशलेस इलाज, पदक विजेताओं की होगी सीधी भर्ती
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी दी गई हरी झंडी
UP Startup Policy 2026 : योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव समेत 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से एक मदरसा शिक्षा से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया। कैबिनेट ने स्टार्टअप नीति-2026, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन, होमगार्डों के लिए पांच लाख रुपए तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना और तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता रखता है।
केंद्र सरकार से अनापत्ति (एनओसी) मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को भी मंजूरी दी। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित होने वाले इस मिशन की संचालन समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के स्टार्टअप फंड, प्रोटोटाइप और सीड कैपिटल सहायता तथा इनक्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान का भी प्रावधान किया है। साथ ही समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसके अलावा मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा।
योजना में प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे। प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा। श्रम विभाग के प्रस्ताव के तहत वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी। वहीं गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज की आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र खिलाड़ियों को समूह ‘ख’ और ‘ग’ के विभिन्न पदों पर सीधे नियुक्ति दी जा सकेगी।
पशुओं का कराया जाएगा बीमा
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सीएम जोखिम पशुधन बीमा प्रंबधन योजना, नस्ल सुधार, पशुधन बीमा और गौशाला के संवर्धन के लिए कई योजनाएं लागू की जाएंगी। पशुओं का बीमा भी होगा। इसका राज्यांश 85 फीसदी है। प्रत्येक पशुधन की कीमत तय की जाएगी। मुर्रा भैंस 75000, विदेशी, हरियाणवी, साहिबान गिरी गाय की कीमत 50 हजार से 65 हजार तक रहेगी। बैल की कीमत 40 हजार, खच्चर, गधा आदि 20 हजार, घोड़ा 60 हजार, भेड़ और बकरी की 6500 रुपये कीमत रहेगी। बीमा में केंद्र का राज्यांश 51 फीसदी, राज्य का 34 फीसदी और किसान का 15 फीसदी रहेगा। दैवीय आपदा, बीमारी और हादसे पर बीमा मिलेगा। गौशालाओं में 1.35 लाख गाय हैं। इन पर हर दिन आठ करोड़ रुपये खर्च हो रहा है।
पदक विजेताओं के सीधी भर्ती का प्रस्ताव पास
मंत्री गिरीश यादव ने बताया कि ओलंपिक, महिला ओलंपिक, एशियन आदि के पदक विजेताओं के सीधी भर्ती का प्रस्ताव पास किया गया। लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर करके इन्हें नौकरी दी जाएगी। समूह ख और क के लिए यह है। 09 पदों पर क्रीड़ा अधिकारी, 09 पदों पर जिला युवा कल्याण अधिकारी और 23 पदों पर उप क्रीड़ा अधिकारी की सीधी भर्ती होगी। कांस्य और रजत पदक विजेताओं के लिए ये पद रखे गए हैं।
होमगार्ड्स को कैशलेस इलाज की सुविधा
इसके अलावा सुरेश खन्ना लखनऊ और गाजियाबाद के बाद नगर निगम गोरखपुर और मुरादाबाद में बॉन्ड की सुविधा दी जाएगी। 80 और 50 करोड़ का बॉन्ड रहेगा। राज्य वित्त आयोग के तहत 10 फीसदी की व्यवस्था अन्य जरूरतों के लिए की जाएगी। होमगार्ड्स के लिए पांच लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 35.50 करोड़ सालाना की व्यवस्था की जाएगी।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
इसके अलावा कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, ‘एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर’ द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी मिली। साथ ही लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों व सदस्यों की पेंशन बढ़ाने, उप्र में स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन स्टार्टअप, शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि सीएसए कानपुर में, रायबरेली में उद्यान विवि की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन मुफ़्त दी जाएगी। इससे अच्छी किस्मों का विकास होगा। सरकार 50 करोड़ रुपये की मदद देगी। सुरेश खन्ना ने बताया कि कुछ सिफारिशें और दी गई थीं, जैसे वर्दी की धुलाई और सिलाई भत्ते के लिए, इसमें 17 मार्च 2026 में विचार हुआ। धुलाई और वर्दी का पैसा सात साल के बजाय पांच साल में दिया जाएगा। इससे सरकार पर 20 करोड़ का बोझ आएगा। लगभग 50 फीसदी की वृद्धि होगी।
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