
CBSE /नई दिल्ली। सीबीएसई के नए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है। छात्रों की शिकायतों और तकनीकी खामियों पर बढ़ते हंगामे के बाद शिक्षा मंत्री ने पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। दरअसल, छात्रों का आरोप है कि OSM सिस्टम में कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं। कई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली स्कैन हुई हैं, कुछ कॉपियों के पेज गायब मिले हैं, जबकि कुछ मामलों में एक छात्र की कॉपी दूसरे छात्र के रोल नंबर से लिंक हो गई। इन शिकायतों के बाद सीबीएसई ने भी शुरुआती स्तर पर कुछ गलतियों को स्वीकार किया है।
गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “CBSE ने पहली बार इस तरह की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की है। इसमें कुछ विसंगतियां सामने आई हैं और मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। इसे जल्द ठीक किया जाएगा। हम एक भी विद्यार्थी की शिकायत को अनसुना नहीं छोड़ेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार और CBSE इस समस्या के समाधान में पूरी गंभीरता से जुटे हुए हैं। शिक्षा मंत्री के मुताबिक यह केवल तकनीक का मामला नहीं बल्कि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भी विषय है। हालांकि, इस दौरान शिक्षा मंत्री ने OSM सिस्टम का बचाव भी किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 17 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया और लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा गया है। हर कॉपी में औसतन 40 पेज होने के कारण करीब 40 करोड़ पन्नों की स्कैनिंग की गई।
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उन्होंने कहा कि OSM एक आधुनिक तकनीक है। भारत समेत दुनिया के कई बड़े शैक्षणिक संस्थान इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को पारदर्शी और स्टूडेंट-सेंट्रिक मूल्यांकन प्रणाली देना है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर भी शिक्षा मंत्री ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव हारने के कारण फ्रस्ट्रेशन में हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और डिजिटल इंडिया का भी विरोध किया। वे भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ नहीं हैं।
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शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि जब मैं खुद इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी ले रहा हूं, तब ऐसे राजनीतिक बयान देना उचित नहीं है। इस समय सबसे जरूरी है कि बच्चों पर मानसिक दबाव न बढ़े और उन्हें न्याय मिले। अब पूरे मामले पर छात्रों और अभिभावकों की नजर CBSE की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड जल्द तकनीकी खामियों को दूर करने और प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करेगा।
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