- कुछ अधिकारियों का नाम आया सामने, लेकिन पुख्ता जोर नहीं
ओडिशा में बालियंता मॉब लिंचिंग केस अब सिर्फ़ हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस मामले ने राज्य की पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बालियंता मॉब लिंचिंग मामले को लेकर कुछ वरिष्ठ IPS अधिकारियों और एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। आरोप है कि इस संवेदनशील मामले का इस्तेमाल राज्य सरकार और ओडिशा पुलिस की छवि खराब करने के लिए किया गया।
ये भी पढ़े
जानकारी के अनुसार, दो वरिष्ठ IPS अधिकारी, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे पूर्ववर्ती बीजेडी सरकार के करीबी रहे हैं, कथित तौर पर एक रिटायर्ड डीजी रैंक अधिकारी के मार्गदर्शन में काम कर रहे थे। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बालियंता मॉब लिंचिंग मामले के बाद बने तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाने की कोशिश की। सूत्रों का दावा है कि कुछ अधिकारियों ने मामले को राजनीतिक रंग देने और सरकार को बदनाम करने के इरादे से कथित तौर पर अफवाहें फैलाने और कुछ पुलिसकर्मियों को प्रभावित करने की कोशिश की। यह भी आरोप है कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और उनके सहयोगियों ने मृतक सौम्य रंजन स्वैन के परिवार को मीडिया के सामने सरकार और पुलिस के खिलाफ बोलने के लिए उकसाने का प्रयास किया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ये भी पढ़े
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की स्पेशल ब्रांच और इंटेलिजेंस विंग ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी रंजिश या राजनीतिक प्रभाव के चलते जांच को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं हुई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद IPS अधिकारियों के बीच भी नाराज़गी देखी जा रही है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया है। फिलहाल ओडिशा पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बालियंता मॉब लिंचिंग केस अब राज्य की राजनीति और पुलिस महकमे में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

One thought on “बालियंता मॉब लिंचिग केस, BJD के गुर्गों IPS ने रची थी साजिश”
Comments are closed.