
- साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फर्जी सिम ब्लॉकिंग जैसे कड़े कदम प्रस्तावित
लखनऊ। देश में लगातार बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। जालसाज बड़े पैमाने पर बुजुर्गों, पूर्व अधिकारियों और कारोबारियों को डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं। कई मामलों में पैसा आते ही उसे अलग-अलग बैंक खातों में तेजी से ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की है, जिसमें साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए कई अहम सुझाव शामिल हैं। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी ने सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें साइबर फ्रॉड रोकने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया हुआ है और सरकार से ठोस कदमों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फर्जी सिम पर रोक का प्रस्ताव
- सिम जारी करते समय सख्त पहचान सत्यापन लागू ,
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को अनिवार्य किया जाए,
- संदिग्ध और फर्जी सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक किए जाएं,
- राष्ट्रीय स्तर पर सिम जारी करने की निगरानी व्यवस्था हो,
इसके साथ ही सिम एक्टिवेशन में पॉइंट ऑफ सेल वेंडर्स की जवाबदेही तय करने की भी सिफारिश की गई है।
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साइबर फ्रॉड रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी कदम
- टेलीकॉम कंपनियां रियल-टाइम डेटा कानून एजेंसियों से साझा करें
- जांच के दौरान तेजी से डेटा उपलब्ध कराया जाए
- संदिग्ध बैंक खातों पर अस्थायी रोक लगाने का सिस्टम विकसित हो
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी सख्ती बढ़ाने के सुझाव दिए गए हैं।
व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त सुझाव
- सिम बाइंडिंग सिस्टम लागू किया जाए,
- स्कैम कॉल्स की पहचान और रोकथाम हो,
- संदिग्ध डिवाइस IDs को ब्लॉक किया जाए,
- डिलीट अकाउंट्स का डेटा कम से कम 180 दिन तक सुरक्षित रखा जाए,
- I4C और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर सहयोग किया जाए,
RBI गाइडलाइन और एक समान प्रक्रिया की मांग
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तैयार SOP गाइडलाइन को जल्द मंजूरी दी जाए।
- संदिग्ध बैंक खातों से पैसे निकालने पर अस्थायी रोक लगाई जाए,
- साइबर फ्रॉड मामलों में एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए,
- अलग-अलग हाई कोर्ट के विरोधाभासी आदेशों से बचा जाए,ये भी पढ़ें
सख्त कानून और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की जरूरत
सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि IT एक्ट के तहत शिकायत निवारण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तेजी से तैयार किया जाए। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में सिविल जिम्मेदारी तय करने के लिए कानून को और मजबूत करने की भी सिफारिश की गई है।
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