लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन की नई टीम को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। इसी कड़ी में आज कई अहम बैठकों का दौर देखने को मिल सकता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी आज शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें संगठन और सरकार के बीच तालमेल के साथ संभावित फेरबदल पर चर्चा होने की संभावना है।

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े कल लखनऊ दौरे पर पहुंचेंगे। अपने इस दौरे के दौरान वे प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अलग-अलग बैठकों में शामिल होंगे। इन बैठकों में आगामी रणनीति, संगठन विस्तार और सरकार के कामकाज पर फीडबैक लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कल देर शाम दिल्ली भी रवाना हो सकते हैं, जहां उनकी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात संभावित है। इस मुलाकात को आगामी मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें
पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय महासचिव से मुलाक़ात और मंत्रणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे केन्द्रीय नेतृत्व से प्रदेश को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी को मजबूत करना है। दरअसल यूपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी को अपनी नई टीम बनानी है, ताकि संगठन और सरकार में समन्वय बन सके। इसको लेकर मंथन होना है। इसके अलावा कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। साथ ही कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं और कई को संगठन में भी भेजा जा सकता है। कुछ जिलों में जिलाध्यक्षों के साथ ही कई पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।
ये भी पढ़ें
माना जा रहा है इस बैठक के बाद जल्द ही केन्द्रीय नेतृत्व से मंजूरी के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। साथ ही प्रदेश की नई टीम का भी ऐलान कर दिया जाएगा। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातिगत और क्षेत्र के समीकरण को भी साधा जाना है। चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी किसी भी नेता की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर संतुलन साधने की कोशिश में जुटी है, ताकि चुनावी तैयारियों को और धार दी जा सके।
मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का एक बड़ा कारण अन्य राज्यों में चल रहे चुनाव भी बताए जा रहे हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल इन चुनावों में व्यस्त है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश के विस्तार पर अंतिम निर्णय नहीं हो पा रहा है। हालांकि जैसे ही चुनावी व्यस्तता कम होगी, इस मुद्दे पर तेजी से फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस प्रक्रिया को ज्यादा लंबा नहीं खींचना चाहती और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें
बलिया के लाल का बड़ा धमाल- NDA में हासिल की ALL INDIA RANK-1, खबर सुनकर रो पड़े पिता
जल्द मिल सकता है जवाब
उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों के बीच यह साफ है कि अंदरखाने तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा भले ही आधिकारिक रूप से निजी बताया जा रहा हो, लेकिन इससे सियासी हलचल जरूर तेज हुई है। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं, जहां इस पूरे मुद्दे पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अगर सूत्रों की मानें, तो प्रदेश को जल्द ही नए मंत्रियों और बदले हुए समीकरणों के साथ एक नया राजनीतिक संदेश देखने को मिल सकता है।

