
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक छोटे से गांव जकरिया के रहने वाले पार्थ कुमार तिवारी ने NDA 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक एक हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी इस कामयाबी ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश को भी गर्व महसूस कराया है। जैसे ही पार्थ के पिता को इस शानदार उपलब्धि की जानकारी मिली, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक होकर वे तुरंत अपने बेटे से मिलने उसके स्कूल पहुंच गए। यह पल परिवार के लिए बेहद भावनात्मक और यादगार बन गया। पार्थ की इस सफलता के बाद उनके गांव में उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों से लेकर स्थानीय लोग तक उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। हर कोई उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बता रहा है। NDA जैसी कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन पार्थ ने अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उनकी यह उपलब्धि न केवल युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी संदेश देती है कि सही दिशा में मेहनत और लगन से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।
एनडीए परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें कुल 742 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। सफल उम्मीदवारों में 651 पुरुष और 91 महिलाएं शामिल हैं। यह परिणाम 14 सितंबर 2025 को आयोजित लिखित परीक्षा तथा उसके बाद हुए SSB इंटरव्यू के आधार पर जारी किया गया है। इस सूची में पार्थ कुमार तिवारी ने शीर्ष स्थान हासिल करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है।
ये भी पढ़ें
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज से कर रहे पढ़ाई
पार्थ का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा कर्नाटक के कोडगु जिले से हुई। उन्होंने एलकेजी से कक्षा तीन तक ज्ञान गंगा स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कक्षा चार और पांच की पढ़ाई उन्होंने यूनिक कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने कक्षा छह और सात नवोदय विद्यालय से की, जहां से उनकी पढ़ाई को नई दिशा मिली। उनके जीवन का सबसे अहम मोड़ तब आया जब कक्षा 8 में उनका चयन देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) में हो गया। वर्तमान में वे वहीं से कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। पार्थ ने 14 सितंबर 2025 को देहरादून में NDA की लिखित परीक्षा दी थी. इसके बाद वह जनवरी 2026 में बेंगलुरु में SSB इंटरव्यू के लिए पहुंचे. यह इंटरव्यू बेहद कठिन माना जाता है, जिसमें उम्मीदवार की मेंटल एबिलिटी, लीडपशिप स्किल और पर्सनेलिटी का आकलन किया जाता है. पार्थ ने यहां भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की!!
शिक्षक माता-पिता के संस्कारों से मिली देशसेवा का जज़्बा
पार्थ की सफलता के पीछे उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। उनके पिता नाथ शरण तिवारी कर्नाटक के सैनिक स्कूल में हिंदी शिक्षक रह चुके हैं और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, उनकी मां किरण देवी एक निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। ऐसे शिक्षित और अनुशासित वातावरण में पले-बढ़े पार्थ को बचपन से ही अनुशासन और देशसेवा की प्रेरणा मिली। यही प्रेरणा उनके सपनों की नींव बनी और उन्होंने सेना में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल भी कर लिया।
ये भी पढ़ें
चांदी ने लगाई लंबी छलांग, एक हफ्ते में ₹13,000 महंगी; सोना भी रिकॉर्ड तेजी पर
नतीजे घोषित होते ही बेटे से मिलने देहरादून पहुंचे पिता
जैसे ही एनडीए का परिणाम घोषित हुआ और पार्थ ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया, उनके पिता खुशी से भावुक हो उठे। वे तुरंत बलिया से देहरादून के लिए रवाना हो गए, ताकि अपने बेटे से मिल सकें। उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद पार्थ पुणे स्थित एनडीए में प्रशिक्षण के साथ-साथ अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू करेंगे। इसके बाद आगे की ट्रेनिंग के लिए वे फिर से देहरादून लौटेंगे।
एक बहन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इंजीनिय तो दूसरी हैं सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट
पार्थ के परिवार में शिक्षा को हमेशा विशेष महत्व दिया गया है। उनकी बड़ी बहन संध्या तिवारी बेंगलुरु में इंजीनियर हैं, जबकि दूसरी बहन निवेदिता सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। ऐसे प्रेरणादायक और शिक्षित माहौल में पले-बढ़े पार्थ को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही। उन्होंने भी अपने परिवार की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपनी मेहनत और लगन से इसे और मजबूत किया।


2 thoughts on “बलिया के लाल का बड़ा धमाल- NDA में हासिल की ALL INDIA RANK-1, खबर सुनकर रो पड़े पिता”
Comments are closed.