- शिक्षा, उद्योग, नवाचार, रेगुलेटरी और फार्मेसी प्रैक्टिस के बेहतर और लगातार समन्वय की जरूरत
- भारतीय फार्मेसी शिक्षा के वास्तुकार: प्रो. महादेव लाल श्रॉफ को किया याद
लखनऊ। भारत देश में फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रोफेसर एम एल सराफ के जन्मदिन के अवसर पर आज पूरे प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों चिकित्सालय फार्मेसी संस्थानों उद्योगों आदि में नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे मनाया गया । इस अवसर पर लखनऊ में फार्मासिस्ट फेडरेशन ने प्रो सराफ के जीवन और उनके संघर्षों को याद किया । फेडरेशन द्वारा एम एल सराफ के बारे में लेखन और पोस्टर ईमेल पर आमंत्रित किए गए जिस पर सैकड़ों लेख पोस्टर आए हैं, स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा परीक्षण उपरांत उसमें श्रेष्ठता क्रम निर्धारित कर सभी को प्रमाण पत्र दिया जायेगा।
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स्टेट फार्मेसी काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन और फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा प्रो सराफ के जन्मदिन 6 मार्च को “नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे” घोषित किया गया है । प्रोफेसर सराफ ने भारत में फार्मेसी शिक्षा को प्रारंभ कर उसे बढ़ाने में महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय योगदान दिया है । इसलिए आज उनके प्रयासों को याद करने का दिन है।
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फेडरेशन के संयोजक और फीपो के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के के सचान ने कहा कि भारत में फार्मेसी शिक्षा के साथ ही इंडियन फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन के गठन आदि में प्रोफेसर श्रॉफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कार्यक्रम को मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी नायक, महामंत्री अशोक कुमार उपाध्यक्ष, सेवानिवृत्त विंग के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह सचान, ओपी सिंह सचिव रिटायर विंग, यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष आदेश आदि ने संबोधित किया।
