सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अब बाजार में चांदी को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक तेजी देखने को मिल सकती है। टेक्निकल संकेत और औद्योगिक मांग के बढ़ते स्तर को देखते हुए निवेशकों के लिए चांदी एक आकर्षक विकल्प बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो में आई गिरावट इस बात का संकेत है कि चांदी की स्थिति मजबूत हो रही है। जब यह अनुपात कम होता है, तो इसका मतलब होता है कि चांदी की कीमत सोने की तुलना में तेजी से बढ़ने की संभावना रखती है। पिछले कुछ समय में यह रेश्यो काफी नीचे आया है, जिससे चांदी के बाजार में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
चांदी की कीमतों में संभावित तेजी का सबसे बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग है। आज के समय में सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में चांदी का व्यापक उपयोग हो रहा है। हरित ऊर्जा और नई तकनीकों के विस्तार के साथ चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके मुकाबले सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही, जिससे कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बन रहा है। इसके अलावा, निवेश के नजरिए से भी चांदी को अभी सस्ता माना जा रहा है। सोने की कीमत पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि चांदी में अभी भी बढ़ोतरी की गुंजाइश दिखाई दे रही है। कई निवेशक पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए चांदी को शामिल कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग में और तेजी आ सकती है।
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टेक्निकल चार्ट भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि चांदी की कीमतों में सुधार की संभावना है। हाल की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी मजबूत स्तर पर बनी रहती है, तो आने वाले कुछ हफ्तों में इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा सकती है। कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियां चांदी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही हैं। निवेशक अगर सही समय और रणनीति के साथ निवेश करते हैं, तो उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना हो सकती है।
