नया लुक डेस्क
खंडवा/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में किन्नर समाज की गुरु वाहिद अहमद उर्फ सितारा द्वारा सनातन धर्म अपनाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। धार्मिक विधि-विधान के साथ आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इस्लाम धर्म त्यागकर सनातन धर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें नया नाम “सीता” दिया गया।
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महादेवगढ़ मंदिर में हुई धार्मिक विधि
जानकारी के अनुसार, खंडवा स्थित प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर सौम्या सखी की मौजूदगी में मंदिर के पुजारी द्वारा प्रायश्चित हवन कराया गया, जिसके बाद सितारा गुरु की सनातन धर्म में विधिवत “घर वापसी” कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद अब वह सीता नाम से जानी जाएंगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग मंदिर पहुंचे और खुशी जताते हुए जश्न भी मनाया।
मंदिर प्रबंधन ने किया स्वागत
महादेवगढ़ मंदिर के प्रमुख अशोक पालीवाल ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा से धर्म स्वीकार करना व्यक्ति का व्यक्तिगत निर्णय होता है और मंदिर में विधि-विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
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पहले कौन थीं सितारा?
बताया जाता है कि पहले उनका नाम वाहिद अहमद था। बाद में किन्नर समाज से जुड़ने के बाद वह “सितारा गुरु” के नाम से पहचानी जाने लगीं। अब सनातन धर्म अपनाने के बाद उनका नया नाम सीता रखा गया है।
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हाल की घटनाओं के कारण बढ़ी चर्चा
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि हाल ही में भोपाल में किन्नर समाज से जुड़े धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद सामने आया था। कुछ किन्नरों ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए थे, जिस पर प्रदर्शन भी किया गया था। हालांकि इन आरोपों की अलग-अलग स्तर पर जांच और पुष्टि का विषय बना हुआ है।
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व्यक्तिगत आस्था का मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि धर्म परिवर्तन या आस्था से जुड़े फैसले व्यक्तिगत होते हैं और ऐसे मामलों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है।
