महिला के पेट से निकाला गया 10 किलो का ट्यूमर, जटिल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बचाई जान

Untitled 5 copy 16
  • आशीर्वाद सुपर हास्पिटल के सर्जन डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दर्द से पीड़ित महिला की बचाई जान

विजय श्रीवास्तव

लखनऊ रायबरेली रोड स्थित साउथ सिटी के आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरा ऑपरेशन कर महिला को नई जिंदगी दी। लंबे समय से पेट दर्द से पीड़ित महिला के पेट से करीब 10 किलो का विशाल ट्यूमर सफल सर्जरी के जरिए निकाला गया। कैंसर सर्जन डॉ. मनोज श्रीवास्तव, असिस्टेंट  डॉ. आशुतोष और उनकी टीम ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में बड़ी गांठ के साथ कई छोटी गांठें और प्रभावित झिल्ली को हटाया, जिससे मरीज की जान बच सकी।

बेहद जोखिम भरा था ऑपरेशन

सर्जन डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि यह ऑपरेशन काफी जटिल और जोखिमपूर्ण था। ओवरी में बनी गांठ इतनी बड़ी हो चुकी थी कि वह आंतों को दबा रही थी। साथ ही हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली नसों और मूत्र मार्ग पर भी दबाव बना हुआ था। ऐसे में सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम के प्रयास से ऑपरेशन सफल रहा।

ये भी पढ़े

अग्नाशय, लिवर और दिमाग के कैंसर: जानिए 5 साल में बचने के प्रतिशत और जोखिम

कई अस्पतालों से लौट चुकी थी मरीज

मरीज के परिजनों के अनुसार, उन्होंने लखनऊ के कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन जोखिम अधिक होने के कारण किसी ने ऑपरेशन करने की हिम्मत नहीं दिखाई। बाद में गोमतीनगर के एक डॉक्टर की सलाह पर आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में दिखाया गया, जहां सर्जरी का निर्णय लिया गया। महिला के पेट से निकाली गई गांठ को जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी।

आयुष्मान योजना बनी गरीब परिवार के लिए सहारा

मरीज के परिजनों ने केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना की वजह से ही इलाज संभव हो सका। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने योजना के तहत पूरा सहयोग दिया और अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया, बल्कि कई सुविधाएं अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई गईं। परिजनों ने सर्जन डॉ. मनोज श्रीवास्तव, हॉस्पिटल डायरेक्टर डॉ. रवि श्रीवास्तव और पूरे स्टाफ के सहयोगी व्यवहार की प्रशंसा की।

ये भी पढ़े

कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है? ये आदतें बन सकती हैं दिल की बीमारी की वजह

रिस्क लिए बिना सफल नहीं होती सर्जरी

डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में बिना जोखिम लिए बड़ी सर्जरी संभव नहीं होती। मरीज के परिजनों की लिखित सहमति और अस्पताल प्रबंधन के समर्थन से ऑपरेशन किया गया और सफलता मिली। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में अस्पतालों में तोड़फोड़ और अनावश्यक हस्तक्षेप की घटनाओं के कारण कई डॉक्टर जोखिम लेने से बचने लगे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि डॉक्टर अपने मरीज को परिवार की तरह मानते हैं और उसकी जान बचाना ही उनकी प्राथमिकता होती है।

Spread the love

Somvati Amavasya
homeslider Religion

अधिमास की सोमवती अमावस्या 15 जून को, दुर्लभ संयोग को लेकर गजब का उत्साह

कई वर्षों के बाद आया है ऐसा दुर्लभ संयोग, पितृ दोष, शनि शांति के लिए शानदार दिन आचार्य धर्मेश उपाध्याय Somvati Amavasya इस वर्ष 15 को 2026 (सोमवार) को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या को विशेष धार्मिक महत्व का दिन माना जा रहा है। धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में […]

Spread the love
Read More
BJP
Analysis homeslider

राज्यसभा में दो-तीन बहुमत से मोदी सरकार को असीम शक्तियां!

भारतीय राजनीति में 18 जून  की तारीख एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। देश के 12 राज्यों में राज्यसभा की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव केवल सांख्यिकीय फेरबदल नहीं हैं, बल्कि ये उस संवैधानिक भविष्य की नींव रख सकते हैं जिसे भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वर्षों से आकार […]

Spread the love
Read More
Deepika and Ranveer
Entertainment homeslider

नए घर में स्पॉट हुए दीपिका-रणवीर…खुशखबरी का इंतजार

Deepika and Ranveer  बॉलीवुड के पावर कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खास दौर का आनंद ले रहे हैं। बेटी दुआ के बाद अब दोनों अपने दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच कपल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा […]

Spread the love
Read More