नई दिल्ली। फरवरी का महीना आमतौर पर हल्की ठंड और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिन के समय अचानक गर्मी का एहसास लोगों को हैरान कर रहा है। दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सोमवार को अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे दोपहर की धूप चुभती हुई महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है और इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ की अहम भूमिका है। मौसम के जानकार देवेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, फिलहाल दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन शाम के समय बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते एक बार फिर मौसम करवट लेगा और ठंड लौट सकती है। हालांकि फरवरी के आखिरी दिनों में गर्मी का असर बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
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पश्चिमी विक्षोभ से क्यों बदला मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ एक विशेष मौसम प्रणाली है, जो भूमध्यसागर क्षेत्र से चलकर हिमालय की ओर बढ़ती है। इसके असर से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी होती है। जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो यह ठंडी उत्तरी हवाओं के प्रवाह को अस्थायी रूप से रोक देता है, जो आमतौर पर सर्दियों में मैदानी इलाकों को ठंडा रखती हैं। इन ठंडी हवाओं का रास्ता पाकिस्तान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। लेकिन मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ ने इन हवाओं को कमजोर कर दिया है, जिससे दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर चला गया।
साफ आसमान ने बढ़ाई गर्मी
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में शुष्क उत्तरी हवाओं ने वातावरण से धुंध, कोहरा और प्रदूषण के कणों को काफी हद तक साफ कर दिया। आसमान साफ होने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में तेजी से गर्मी बढ़ रही है। यही वजह है कि सुबह और रात में हल्की ठंड के बावजूद दोपहर में गर्मी महसूस हो रही है।
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फिर लौटेगी ठंड?
मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखाकर आगे बढ़ेगा, ठंडी उत्तरी हवाएं दोबारा सक्रिय हो जाएंगी। इसका असर देर रात और सुबह के समय ज्यादा देखने को मिलेगा। 10 से 11 फरवरी के आसपास दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिर से ठंडक बढ़ सकती है।
बदलते मौसम का संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि सर्दी के अंतिम चरण में ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य होते हैं। यह इस बात का संकेत भी है कि मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ रहा है। साथ ही वैश्विक तापमान में हो रही बढ़ोतरी भी ऐसे बदलावों को और तेज कर सकती है।
