सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंड के अलावा सर्दी-खांसी, वायरल इंफेक्शन और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी लेकर आता है। ऐसे में अगर रोज़मर्रा की डाइट में कोई देसी, सस्ता और असरदार हेल्थ ड्रिंक शामिल कर लिया जाए, तो सेहत को बड़ी राहत मिल सकती है। ऐसा ही एक पारंपरिक सुपर ड्रिंक है — कांजी।
कांजी उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान बड़े चाव से पी जाती है। यह एक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जो प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है। प्रोबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे पाचन मजबूत होता है और इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट मिलता है।
कांजी पीने के जबरदस्त फायदे
कांजी का नियमित सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखता है। इसमें मौजूद सरसों और मसाले मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में बेहद फायदेमंद मानी जाती है। सर्दियों में जब इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, तब कांजी शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देती है।
इसके अलावा कांजी में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की सेहत सुधारने में भी मदद करते हैं। खाली पेट कांजी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और दिनभर हल्कापन महसूस होता है।
कांजी बनाने की आसान रेसिपी
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सामग्री
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गाजर – 500 ग्राम
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पानी – 2 लीटर
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राई (दरदरी पिसी) – 2–3 बड़े चम्मच
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काला नमक – 1 बड़ा चम्मच
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सादा नमक – आधा चम्मच
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हींग – एक चुटकी
बनाने का तरीका
सबसे पहले गाजर (और चाहें तो चुकंदर) को धोकर छील लें और लंबी फांक में काट लें। अब कांच या मिट्टी के बर्तन में गाजर, पानी और सभी मसाले डालकर अच्छे से मिला लें। जार को सूती कपड़े से ढककर 3–4 दिन धूप में रखें। रोज़ एक बार चलाना न भूलें। जब पानी का रंग गहरा हो जाए और खटास आ जाए, तब कांजी तैयार है।
कब और कैसे पिएं?
कांजी सुबह खाली पेट पीना सबसे बेहतर माना जाता है। इसे सीमित मात्रा में लें और बहुत अधिक खट्टी होने पर सेवन न करें।
