लखनऊ | रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा आज दूसरे और अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। कल शाम पालम एयरपोर्ट पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उनका व्यक्तिगत स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक ही कार में सवार होकर पीएम आवास पहुंचे, जहां एक निजी डिनर आयोजित हुआ। यह दौरा यूक्रेन संकट के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा है, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का प्रतीक है।
आज सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान मौजूद रहे। पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी दी गई, जो दोनों देशों की गहरी दोस्ती का प्रतीक था। इसके बाद पुतिन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गांधी की अहिंसा और सत्याग्रह की विरासत रूस के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करती है।
पुतिन का आज का शेड्यूल व्यस्त है। सुबह 11:50 बजे वे राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। उसके बाद हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष सहयोग प्रमुख हैं। सम्मेलन के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की संभावना है। दोपहर 3:30 बजे पुतिन भारत मंडपम में FICCI और Roscongress द्वारा आयोजित व्यापारिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाम 7 बजे राष्ट्रपति मुर्मू पुतिन के सम्मान में राजकीय भोज देंगे, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। रात तक पुतिन दिल्ली से रवाना हो जाएंगे। इस दौरे से भारत-रूस संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। रूसी मीडिया के अनुसार, 10 अंतर-सरकारी दस्तावेज और 15 से अधिक व्यावसायिक समझौते हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं। इनमें S-400 वायु रक्षा प्रणाली, सुखोई Su-57 लड़ाकू विमान, वोरोनेज रडार और पैंटसिर एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद शामिल है। RECP (रसद समझौता) को मजबूत किया जाएगा, जिससे दोनों सेनाएं एक-दूसरे की सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगी। व्यापार पर फोकस रहेगा – 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 68.7 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। यूक्रेन में भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी, सिविल न्यूक्लियर सहयोग, यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और कनेक्टिविटी पर भी चर्चा होगी।
पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत और निजी डिनर इस दौरे की गरिमा को दर्शाता है। यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत की रूस नीति संतुलित बनी हुई है। यह दौरा न सिर्फ रक्षा और ऊर्जा में सहयोग बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर दोनों देशों की एकजुटता का संदेश देगा। पुतिन का यह 30 घंटे का दौरा भारत-रूस की 25 वर्षीय रणनीतिक साझेदारी का मील का पत्थर साबित होगा।
