ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बात छह साल पुरानी है। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सीआरपीएफ के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमले चालीस जवानों की जान चली गई थी। इसी के बाद 24 अप्रैल 2025 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया। इन घटनाओं को लेकर जांच एजेंसियां, एटीएस, एसटीएफ व पुलिस सक्रिय हुई कुछ दिनों तक धरपकड़ का सिलसिला चला, लेकिन कड़वा सच यह है कि कुछ दिनों बाद ही फिर पूरी कवायद ठंडे बस्ते में चली गई। लगा कि आतंकियों का अब सफाया हो गया है, लेकिन सोमवार शाम देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास एक कार में ऐसा धमाका हुआ कि एक दर्जन से अधिक लोगों के चिथड़े उड़ गए जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया।
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इन घटनाओं से यही लग रहा है कि सूचनाओं की कड़ियां जुड़ने के पहले ही टूट जा रही है। यही वजह है कि बीते कुछ सालों के भीतर देश व प्रदेश में आतंकी घटनाएं होने के बावजूद यहां पर सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के स्लीपिंग माड्यूल के बारे में अधिक जानकारियां नहीं जुटा पाई है। देश की राजधानी दिल्ली में विस्फोट इसका ताजा उदाहरण है, जहां कि टेररिस्ट माड्यूल ने एक नई घटना को अंजाम दे दिया। जाहिर है पिछली घटनाओं की तफ्तीश के बाद सुरक्षा तंत्र लापरवाह होता गया और आतंकी नए सिरे से नेटवर्क बनाने में सफल रहे।
दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी डॉक्टर उमर का कटा हाथ मिला, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए बम धमाके में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हुई ने लोगों को हिला कर रख दिया। एजेंसियों का मैसेज फरीदाबाद मॉड्यूल की ओर गया है। इस मॉड्यूल के एक डॉक्टर उमर नबी ही फिदायीन हमलावर बताया जा रहा है। उसका एक कटा हुआ हाथ बरामद हुआ है। पुलिस डीएनए जांच के जरिए इस दावे की पुष्टि करने पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पुलवामा से उमर की मां और भाईयों को हिरासत में लिया गया है।
फरार आतंकियों की तलाश तेज, एक हाथ वाला आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर की जड़ खोदने में जुटी पुलिस
गुजरात ATS ने चीन में MBBS कर चुके डॉ अहमद मोहियुददीन, आजाद सुलेमान शेख, व लखीमपुर-खीरी निवासी सुहैल अहमद , डॉ मुजम्मिल अहमद, डॉ आदिल और लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर शाहिन शाहिद सहित कईयों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ करने वाली थी कि इस गिरोह से जुड़ा आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर को शाय़द लगा कि अब बचेगा नहीं, लिहाजा योजना के तहत ऐसा घिनौनापन काम किया कि कई परिवारों का सहारा छीन गया। पुलिस को मौके से एक कटा हुआ हाथ मिला है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाला तो आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर भागते हुए देखा गया। इससे आंशका जताई जा रही है इस धमाके को अंजाम उसी ने दिया है। जानकार बताते हैं कि जांच एजेंसियां, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम फरार चल रहे आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर की तलाश में जुट गई है।
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बताया जा रहा है कि इस फरार आतंकियों की तलाश में चार दर्जन टीमों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी यूपी के लखनऊ सहित अलग-अलग जिलों में जाल बिछा दिया है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस फरार आतंकियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि उम्मीद है कि जल्द ही खूनी आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर सलाखों के पीछे होगा। ख़ास बात यह है कि इस आतंक की दुकान चलाने वाले आम आदमी नहीं बल्कि अधिकतर डॉक्टर हैं। गौर करें तो बटला हाउस कांड में सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी शहनवाज को पकड़ा तो वह भी डॉक्टर था।
