- प्रेमी ने की विवाहित प्रेमिका की हत्या, एमपी के निवाड़ी जिले की प्रेम कहानी की खौफनाक अंत
- प्यार, प्रेमिका, पागलपन और पाप की ये गंदी कहानी, मंजर इतना खौफनाक कि कांप जाएगी रूह
शेखर पंडित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बार्डर पर बसा मध्य प्रदेश का निवाड़ी जिला। जहां स्थित राजाराम का ओरछा मंदिर पूरे देश को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी जिले के रजपुरा गांव में हुई घटना ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी। इस मर्डर का तरीका इतना खौफनाक था कि सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। पूर्व डीजी जीएल मीणा कहते हैं यह एक मर्डर नहीं बल्कि एक चेतावनी है। जब प्यार अपनी सीमाएं पार कर पागलपन में बदल जाता है, तो विनाश का कारण बन जाता है। प्रेमी जिस प्रेमिका के साथ रुह बांधना चाहता है, उसी की हत्या कर दे यानी वह मानसिक विकृति की सीमा के पार चला जाता है।
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खबरों के अनुसार एक शादीशुदा महिला का उसके पुराने प्रेमी से रिश्ता खत्म नहीं हो पाया था, उसी के हाथों अपनी जान गंवा बैठी। दोनों का रिश्ता शादी से पहले शुरू हुआ था और शादी के बाद भी चोरी-चोरी, चुपके-चुपके जारी रहा। परिवार और समाज की नज़रों से बचते हुए दोनों चोरी-छिपे मिलते थे। लेकिन समय के साथ यह रिश्ता जहर बन गया। रोहिणी पति को छोड़कर रतिराम के साथ रहना चाहती थी, जबकि रतिराम उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। एक की चाहत और दूसरे का इनकार इस हत्या का जड़ बना और रतिराम ने दर्दनाक तरीके से रोहिणी की हत्या कर दी। ‘एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर’ की इस दर्दनाक कहानी ने एक परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया। वहीं पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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खबरों के मुताबिक रतिराम ने जिस तरह से अपनी प्रेमिका की जान ली, वह किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा डरावना है। पुलिस ने खुलासा किया कि रोहिणी रतिराम पर शादी का दबाव बना रही थी। वह अपने पति को छोड़ उसके साथ नई जिंदगी शुरू करने की फिराक में थी। लेकिन रतिराम इस रिश्ते को खत्म करना चाहता था। वहीं नहीं चाहता था कि शादी के बाद रोहिणी उसके साथ आए। रतिराम अपनी प्रेमिका रोहिणी से तंग आ चुका था। इसी बीच उसने दोस्तों के साथ मिलकर रोहिणी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। दो अक्टूबर की रात उसने रोहिणी को घर बुलाया। उसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। निवाड़ी निवासी रवि परमार कहते हैं कि शादी के बाद उसके मिलने-जुलने की बातें तो होती थी, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया। घर में क्लेश न हो तो पति बहुत ज्यादा विरोध नहीं करता था। बीच में वो मान गई थी लेकिन चोरी-छिपे मिलने निकल लिया करती थी। वो रतिराम के प्यार में पागल थी। उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी।
पुलिस के अनुसार जब रोहिणी रतिराम के घर पहुंची, तब दोनों ने पहले आपसी बातचीत की और फिर शारीरिक सम्बन्ध भी बनाए। उसी दौरान रतिराम ने मौके का फायदा उठाया और गला घोंटकर रोहिणी की हत्या कर दी। रतिराम ने अपने तीन दोस्तों कालीचरण, मुकेश और ज्ञान सिंह की मदद से एक भयानक योजना को अंजाम दिया। प्रेमिका की हत्या के बाद रतिराम और उसके साथियों ने घर के कच्चे फर्श को खोदकर एक गड्ढा बनाया। लाश को उसी गड्ढे में डालकर मिट्टी और गोबर से इस तरह लीपा कि किसी को शक तक न हो। इसके बाद आरोपी उसी पर खटिया डालकर अगले दो दिन तक आराम से सोता रहा। उसी के खटिया के नीचे उसकी प्रेमिका की लाश दबी थी, जिससे वो प्रेम की बातें करता था। सम्बन्ध बनाता था और रातों-रात जागता था। आलम यह कि वह लाश के ऊपर बैठकर खाना खाता, सोता और रोजमर्रा का काम करता रहा। रिटायर्ड इंसपेक्टर केडी सिंह कहते हैं कि यह घटना जितनी क्रूर है, उतनी ही भयावह भी। सोचिए वह कितनी क्रूर मानसिकता का होगा, जिसने इतनी भयानक निर्णय लिया।
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रोहिणी के गायब होने पर उसके पति और परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के संदेह की सुई सीधे रतिराम पर गई। वही आखिरी शख्स था, जिससे रोहिणी ने बात की थी। जब पुलिस ने रतिराम को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तो वह टूट गया और सब कुछ उगल दिया। उसने बताया कि किस तरह उसने संबंध बनाने के बाद रोहिणी की हत्या की, और फिर लाश को घर में दफनाया। हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने रतिराम राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। इस वारदात के बाद निवाड़ी के रजपुरा गांव में सनसनी फैल गई है। लोग दहशत में हैं और हर कोई इस बात से हैरान है कि कोई इंसान इतना बेरहम कैसे हो सकता है। गांव के लोगों का कहना है कि आरोपी रतिराम हमेशा शांत स्वभाव का लगता था, किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह इतना भयानक कदम उठा सकता है। वहीं, मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वे आरोपी को फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। यह मामला उस सच्चाई को उजागर करता है कि जब रिश्तों में झूठ, दबाव और स्वार्थ घुल जाते हैं, तो प्रेम कितना खतरनाक रूप धारण कर लेता है। रोहिणी की हत्या सिर्फ एक प्रेम प्रसंग का अंत नहीं है, यह एक सामाजिक संकट है। शादी के बाद किसी गैर मर्द या स्त्री से सम्बन्ध आज भी भारतीय समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। लेकिन जब इसे छिपाकर किया जाता है, तो उसका परिणाम बड़ा ही भयानक होता है।
पुलिस कस्टडी से भी भाग गया रतिराम
रोहिणी की हत्या में गिरफ्तार रतिराम की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जिस तरह उसने हत्या की थी, उसी चालाकी से वह पुलिस कस्टडी से भी फरार हो गया। उसने पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाया और भाग निकला। जैसे ही यह खबर फैली, निवाड़ी पुलिस पर सवालों की झड़ी लग गई। आखिर कैसे एक हत्यारा पुलिस अभिरक्षा से भाग सकता है? एसपी निवाड़ी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को इस हत्या का शक पहले से था, लेकिन वे कार्रवाई में देरी करते रहे। कहा जा रहा है कि मामला दबा दिया गया था, लेकिन आरोपी के फरार होने के बाद मजबूरन पुलिस को सब कुछ सार्वजनिक करना पड़ा। रतिराम के फरार होने के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। निवाड़ी से लेकर झांसी और आसपास के कई जिलों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा आरोपी के दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस प्रशासन पर उठ रहे गंभीर सवाल
रोहिणी की हत्या और रतिराम की फरारी की इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि सूबे में अपराध पर सख्ती से नियंत्रण है, वहीं दूसरी ओर एक हत्यारा पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरोपी जल्द से जल्द पुलिस गिरफ्त में नहीं आया, तो पुलिस पर जनता का भरोसा और कमजोर होगा। वरिष्ठ पत्रकार रतिभान त्रिपाठी कहते हैं कि यह मामला समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि रिश्तों में वफादारी, ईमानदारी और मर्यादा की कितनी अहमियत है। जब सामाजिक मर्यादाएं टूटती हैं तो इंसान कितना नीचे गिर सकता है, इसका ही प्रत्यक्ष उदाहरण यह घटना है।

