- वारदात करने के बाद औरैया में फेंकी थी लाश
- करोड़ों की संपत्ति की लालच में दिया था घटना को अंजाम, दोनों कातिल गिरफ्तार
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। कानपुर जिले करोड़ों की संपत्ति के लालच में बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर रेलवे से सेवानिवृत्त पिता को गला दबाकर मार डाला। इसके बाद औरैया के बेला में पिता के शव को ठिकाने लगाया। पहचान छिपाने के लिए चेहरे और शरीर पर पेट्रोल डाल दिया था। बताया जा रहा है कि पिता का मोबाइल फोन मित्र को देकर बिहार भेजा, जिससे जांच में लोकेशन वहां की मिले। दो माह बाद वृंदावन से लौटने पर पत्नी ने पति की खोजबीन के बाद गुमशुदगी दर्ज कराई।
कल्याणपुर पुलिस ने जांच शुरू की तो हत्या का खुलासा हुआ
शुक्रवार को डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने वारदात का खुलाया किया। आरोपी बेटे व उसके साथी को जेल भेजा। कल्याणपुर के पुराना शिवली रोड चंदेलनगर निवासी 62 वर्षीय कमलापति तिवारी रेलवे से सेवानिवृत्त थे। बिहार के जयनगर से गार्ड के पद से रिटायर हुए थे। परिवार में पत्नी मधु, दो बेटे श्यामजी, रामजी व एक बेटी है, तीनों शादीशुदा हैं। श्यामजी प्राइवेट शिक्षक हैं और पत्नी व बच्चों के साथ चकेरी के सनिगवां में रहते हैं। बेटी उड़ीसा में और रामजी पत्नी व दो बच्चों के साथ नारामऊ स्थित ससुराल में रह रहा था। डीसीपी वेस्ट के अनुसार रामजी शराब का लती था। इस कारण पिता की उससे नहीं पटती थी। शराब की लत के कारण ही पिता ने उसे भगा दिया था, इसलिए उसने ससुराल में शरण ली।
कमलापति की शिवली रोड में मार्केट है, जिसमें आठ दुकानें हैं। दुकानों से करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराया आता है। इसके अलावा कमलापति की करीब 60 हजार रुपये पेंशन थी। बेटा रामजी पिता से रुपये की मांग करता था लेकिन पिता उसे पैसे नहीं देते थे। इस कारण रामजी ने उन्हें रास्ते से हटाने की ठानी थी। उसकी मां मधु मार्च माह में वृंदावन गई और घर पर पिता अकेले हो गए। तभी रामजी ने माधवपुर आईआईटी सोसाइटी में रहने वाले मित्र ऋषभ शुक्ला से मिलकर हत्या की योजना बनाई। 17 मार्च को वह घर पहुंचा तो पिता नशे की हालत में मिले। कहासुनी के बाद उसने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद कार में शव डालकर घर से 75 किमी दूर औरैया के बेला स्थित पटना नहर पहुंचा। पिता के सभी कपड़े उतार दिए और चेहरे पर पेट्रोल से भीगा बोरा डालकर आग लगा दी भाग निकले।
कमलापति का चेहरा पूरी तरह जल नहीं पाया था। अगले दिन 18 मार्च को औरैया पुलिस को शव मिला, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। घटना के डेढ़ माह बाद 29 मई को जब मां मधु वृंदावन से लौटी तो पति गायब मिले। खोजबीन के बाद उन्होंने 12 जून को कल्याणपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मधु को औरैया में मिले शव की फोटो दिखाई तो वह पति को पहचान गई। हत्या से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने जांच में तेजी पकड़ी। आसपास के लोगों ने कहा आखिरी बार रामजी को पिता के साथ देखा गया था। पुलिस ने रामजी से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसके पास से पिता का मोबाइल भी बरामद हुआ। उसने हत्या की बात कबूली और उसके दोस्त को भी पुलिस ने दबोच लिया। शुक्रवार को डीसीपी वेस्ट ने हत्या का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा।
क्राइम पेट्रोल देखकर रची थी साजिश
डीसीपी वेस्ट के मुताबिक रामजी ने क्राइम पेट्रोल, व अन्य फिल्मों को देखकर पिता की हत्या, शव ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने की साचिश रची थी। उसने घर से 75 किमी दूसरे जिले में शव ठिकाने लगाया। पेट्रोल से भीगा बोरे से चेहरा जलाने का प्रयास किया, पिता का मोबाइल अपने मित्र ऋषभ को देकर बिहार के जयनगर भेजा। वहां पहुंचकर ऑन व ऑफ करने को कहा, जिससे आखिरी लोकेशन बिहार की मिले। बिहार इसलिए चुना क्योंकि पिता वहां से सेवानिवृत्त हुए थे।
