डबल मर्डर केसः योगी की गोली, जावेद की देह में धंस कर बोली…

  • अखिलेश राहुल हैं कायर, बदायूं के लोग हैं फायर
  • रमजान के पाक माह में नापाक काम की मनाही करता है उनका ग्रंथ

बदायूं में दो मासूमों की लोमहर्षक हत्या से वहां की सूरत-ए-हाल लोकसभा के आसन्न चुनाव के दौरान बिगड़ चुकी है। हालांकि पुलिस वहां भारी संख्या में तैनात है। मगर कांग्रेस और समाजवादियों की चुप्पी से वहां की जनता में भारी आक्रोश है… वहीं सोशल मीडिया पर भारी संख्या में लोग इस वारदात की घोर निंदा कर रहे हैं। क्या है पूरा मामला रोशनी डालती विनय प्रताप सिंह की रिपोर्ट..

लखनऊ। मंगलवार की दरम्यानी रात एक सैलून चालक (मुस्लिम नाई) ने दो सगे भाइयों को कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला और आराम से फरार हो गया। लॉ एंड आर्डर के मुद्दे पर पूरे देश में विख्यात योगी आदित्यनाथ और उनकी पुलिस ने वारदात के चंद घंटों के अंदर ही हत्यारे को एनकाउंटर में मार गिराया। फिलहाल दो दर्दनाक हत्याओं के बाद से बदायूं के कई इलाकों में तनाव फैल चुका है। कई जगहों पर तोड़-फोड़ और आगजनी की सूचना भी मिल रही है। हालात को नियंत्रण में करने के लिए बदायूं के कई थानों की पुलिस फोर्स को मौका-ए-वारदात पर तैनात किया गया है।

लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी विपक्षी पार्टियों की ओर से किसी ने भी मुंह नहीं खोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह कहते हैं कि बात-बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गरजने-बरसने वाले कांग्रेस के सुपर पॉवर राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव और प्रियंका वाड्रा की घिघ्घी क्यों बंधी हैं, बदायूं की इतनी बड़ी वारदात पर?

वहीं सोशल मीडिया पर लोग अजीबो-गरीब टिप्पणी कर रहे हैं। ‘क्या ये सभी ‘सियासी हिजड़े’ हो चुके हैं?’ ‘क्या इन लोगों ने अपना धर्म बदल लिया है?’ ‘क्या हिंदू केवल वोट के लिए याद किए जाते हैं?’ अब ऐसे अनगिनत प्रश्न जनमानस के दिमाग में कौंध रहे हैं।

‘नया लुक’ ने अपनी छानबीन की तो पाया कि इसके पीछे वोट की पॉलिटिक्स है। अगर ये मोमिनों के खिलाफ कुछ भी कहते हैं तो उन्हें मुस्लिम वोट न मिलने का भय सताने लगता है। शायद यही कारण है कि कांग्रेस, सपा और बसपा के सभी अलम्बरदार खामोसी की चादर ओढ़ रखे है। हालात यह है जहां दो भाई को वहशी जावेद और साजिद ने मार डाला, वहीं तीसरा भाई भी जख्मी है। कातिल जावेद ने उसे भी हलाल करने की कोशिश की थी। इससे इतर योगी की पुलिस को साधुवाद देना पड़ेगा कि उसने दो घंटे के भीतर हत्यारे को गोलियों से बींध डाला। बताते चलें कि जावेद और साजिद ने अपना शैतानी चेहरा उस माह में दिखाया, जिसे मुसलमान बड़ा ही पाक महीना कहते हैं। उनकी किताब के अनुसार इस माह में कोई भी नापाक काम करना हराम है, क्योंकि उनका यह बड़ा ही पाक महीना होता है।

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मिली जानकारी के अनुसार हत्यारा जावेद और उसका भाई साजिद सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बाबा कॉलोनी में अपनी दुकान चलाता था। मंगलवार रात उसने अन्नू (11) और आयुष (6) नाम के दो सगे भाइयों की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। जानकारी होने पर पहुंचे लोगों पुलिस को सूचना दी।

जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, लोगों में आक्रोश फैल चुका था। मृतक बच्चों के परिजनों ने मंडी समिति चौराहे पर जाम लगा दिया। तीसरा भाई अभी भी मौत और जिंदगी के बीच झूल रहा है। गौरतलब है कि आसन्न लोकसभा चुनाव के बीच में इतनी बड़ी घटना यह साबित करती है कि कातिल को कानून और उससे मिलने वाले दंड की तनिक भी परवाह नहीं थी।

खबरों के अनुसार आरोपी ने तीसरे भाई को भी हलाल करने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी तरह भाग आया। दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा हत्या करने की सूचना पर मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। मंडी चौकी पर पेट्रोल डालकर प्रदर्शन किया। वहीं, पुलिस ने एनकाउंटर में आरोपी जावेद को मार दिया है। जब पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को उठाने की कोशिश की तो लोग हंगामा और तोड़-फोड़ करने लगे। हालात अनियंत्रित होते देख मौके पर DM-SP समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई। कई स्थानों पर ट्रैफिक को रोक दिया गया। वहीं आक्रोशित भीड़ ने सैलून की दुकान को भी आग के हवाने कर दिया। बताया जा रहा है कि सैलून संचालक से एक दिन पहले मृतक बच्चों के पिता का झगड़ा हुआ था। मंगलवार को मृतक बच्चों के पिता कहीं काम से गए हुए थे और मां नीचे अपना ब्यूटी पार्लर चला रही थीं। घर पर कोई नहीं था। इसी समय मौका देखते हुए सैलून संचालक घर के अंदर घुस गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया।

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी एक बयान जारी कर कहते हैं कि बदायूं की घटना रोंगटे खड़ी करने वाली है। दुख देने वाली है, लेकिन इस घटना पर भी समाजवादी पार्टी घटिया राजनीति पर उतर आई है। वह व्यर्थ का आरोप मढ़ रही है, जबकि सच यह है कि योगी सरकार ऐसे हत्यारों के साथ हमेशा कठोरता से पेश आती है। पुलिस ने हत्यारे को मार गिराया। लेकिन सपा की सरकार होती तो हत्यारों को सरकार का संरक्षण प्राप्त होता।

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हत्या के बाद शहर में बवाल बढ़ते देख IG बरेली रेंज डॉ.राकेश कुमार सिंह और कमिश्नर मौके पर पहुंचे। दोनों ने DM-SP से पूरे मामले की जानकारी ली। घटना को लेकर बदायूं DM मनोज कुमार ने कहा कि हमें सूचना मिली कि एक आदमी ने एक घर में घुसकर 11 और छह साल के दो छोटे बच्चों की हत्या कर दी है। इसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों से शांति बनाए रखने को कहा गया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कार्रवाई जारी है।

दर्द भरी दास्तान

यूपी के बदायूं में एक खुशहाल परिवार रहता था। बगल में जावेद रहता था। जावेद का विवाद उस हिंदू परिवार से हुआ और फिर जावेद तलवार लेकर घर में घुसा और उसे परिवार के दोनों बेटे यानी दोनों सगे भाइयों का गला काट-काट कर मार डाला और तीसरे बेटे को बुरी तरह से घायल कर दिया।

रमजान के महीने में ये जघन्य हत्या, वीडियो देखकर मन कांप जाएगा। हालांकि उसका तुरंत एनकाउंटर कर दिया गया है। लेकिन जनमानस के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि पड़ोसी मुसलमान हो तो ये घटना कभी भी हो सकती है। आखिर इतनी बर्बरता कहां से लाते हैं ये लोग?

क्या है घटना?

पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवक (नाई) ने उस्तरे से दो बच्चों को काट डाला। दोनों बच्चों की मौत, शहर में आगजनी, हिंसा जारी। अधिकारियों से नहीं सम्भल रही हिंसा। जिला बदायूं में दो सगे भाइयों आयुष (14 साल) और हनी (6 साल) की उस्तरा मारकर हत्या कर दी गई थी ,आरोपी सैलून संचालक साजिद और जावेद दोनों सगे भाई हैं। पुलिस ने एक आरोपी साजिद को मुठभेड़ में मार गिराया…दूसरा यानी जावेद अब भी फरार बताया जा रहा है।

 

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