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महाराजा छत्रसाल : बुंदेलखंड का शेर और स्वतंत्रता का प्रतीक
भारतीय इतिहास में महाराजा छत्रसाल का नाम साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए अदम्य संघर्ष का पर्याय है। वे 17वीं–18वीं शताब्दी में मुग़ल साम्राज्य के अत्याचारों के विरुद्ध उठ खड़े हुए बुंदेलखंड के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद एक शक्तिशाली साम्राज्य को चुनौती दी और स्वतंत्र बुंदेला राज्य की स्थापना की। छत्रसाल […]
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जयशंकर का लाल किले से संदेश-अमूर्त विरासत है मानवता की साझा पूंजी
शाश्वत तिवारी नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमूर्त विरासत को मानवता की साझा पूंजी बताते हुए कहा है कि परंपराएं, भाषाएं, संगीत, शिल्पकला और अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के अन्य स्वरूप मानव संस्कृति की सबसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति है, जो सभी की साझा संपत्ति है तथा सभी के द्वारा संरक्षित की जाती है। डॉ. […]
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