Pitrupaksha
पितृ विसर्जन अमावस्या कल
Lucknow: अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र मास की वह अंतिम तिथि है जब आकाश में चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य रहता है और रात में घना अंधेरा होता है। चूंकि यह पितृपक्ष चल रहा है इसलिए इस बार अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाएगा। नौ अक्टूबर 2026 को रात 9:35 बजे इसका शुभारंभ होगा […]
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सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को, 11 से शुरू होगा नवरात्रि पर्व
Barabanki: शारदीय नवरात्रि और पितृ पक्ष को लेकर श्रद्धालुओं के बीच तैयारियां शुरू हो गई हैं। सआदतगंज, बाराबंकी के आचार्य शिव मोहन जी महाराज ने आगामी पर्वों और धार्मिक तिथियों को लेकर जानकारी साझा की है। उनके अनुसार इस वर्ष प्रदोष व्रत और मास शिवरात्रि का व्रत आठ अक्टूबर, गुरुवार को होगा, जबकि स्नान, दान […]
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संन्यासियों का श्राद्ध कल
Lucknow: संन्यासियों का श्राद्ध वर्ष 2026 में सात अक्टूबर (बुधवार) को द्वादशी तिथि के दिन है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संन्यासियों का श्राद्ध आम दिनों की तरह नहीं, बल्कि पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि (12वें दिन) को किया जाता है। इसे ‘द्वादशी श्राद्ध’ भी कहते हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार, जिन पूर्वजों या परिवार […]
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स्मार्त वैष्णव समाज कल रखेगा इंदिरा एकादशी व्रत
Lucknow: इंदिरा एकादशी का व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से पितृ पक्ष (श्राद्ध के दिनों) में आता है, इसलिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बाकी एकादशियों से काफी अलग और विशेष माना जाता है। इस साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत छह […]
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परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाना हमारा दायित्वः योगी
Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सनातन संस्कृति अतीत को स्मरण करने की परंपरा मात्र नहीं, बल्कि अतीत से वर्तमान और वर्तमान से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। पितृ पक्ष इसी सनातन भाव की अभिव्यक्ति का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और उनकी […]
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श्राद्ध के दिन भोजन को लेकर क्या है सही नियम? प्रेमानंद महाराज ने बताया
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। श्राद्ध से जुड़े कई नियमों को लेकर लोगों के मन में […]
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पितृ पक्ष: पूर्वजों को याद करने का पर्व
आज से पितृ पक्ष शुरू। पितृ पक्ष के इन 15 दिनों का असली वैज्ञानिक और दार्शनिक महत्व। Ancestors : भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक के इन 16 दिनों को हम ‘पितृ पक्ष’ या ‘श्राद्ध पक्ष’ के रूप में मनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आधुनिक होती इस दुनिया में इन […]
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क्या दामाद कर सकता है सास-ससुर का श्राद्ध, जानिए धार्मिक मान्यताएं
New Delhi: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। आमतौर पर परिवार में इन कर्मकांडों की जिम्मेदारी पुत्र को दी जाती है। लेकिन अगर किसी परिवार में पुत्र मौजूद […]
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संतान न होने पर श्राद्ध कौन करता है? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये नियम
New Delhi: पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान करने की परंपरा हिंदू धर्म में प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध कर्म के माध्यम से पितरों का स्मरण किया जाता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति की संतान न हो या परिवार में श्राद्ध करने […]
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श्राद्ध क्यों किया जाता है तर्पण का क्या है महत्व
Barabanki: भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से पित्रों के दिन प्रारंभ हो जाते है जो अश्वनी (कुआर) कृष्ण पक्ष तक रहता है जो पितृ पक्ष के नाम से प्रख्यात है इन दिनों में मनुष्यों को क्या करना चाहिए। कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगे घरेलू उपयोगी वस्तु अन्य बड़े कार्य या इलेट्रॉनिक भूमि सामग्री नया कार्य वर्जित […]
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