श्राद्ध क्यों किया जाता है तर्पण का क्या है महत्व

Barabanki
WhatsApp Image 2026 09 23 at 6.39.17 PM
 आचार्य शिव मोहन जी  महराज सआदतगंज

Barabanki: भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से पित्रों के दिन प्रारंभ हो जाते है जो अश्वनी (कुआर) कृष्ण पक्ष तक रहता है जो पितृ पक्ष के नाम से प्रख्यात है इन दिनों में मनुष्यों को क्या करना चाहिए। कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगे घरेलू उपयोगी वस्तु अन्य बड़े कार्य या इलेट्रॉनिक भूमि सामग्री नया कार्य वर्जित माना गया है शारीरिक नियम श्राद्ध कर्म करने वाले मनुष्य को एक दिन पहले ही दाढ़ी बाल नाखून करवा लेना चाहिए बीच में दोष लगता है।

पितृ पूजन सामग्री

त्रिकुशा मोटक पवित्र अवश्य धारण करे जल देने का पात्र फूल का, कांसा सोना चांदी सामर्थ अनुसार होना चाहिए। तिल, जौ, अक्षत पुष्प श्वेत चंदन, गंगा जल, तुलसी दल, जिनका यज्ञोपवित हुआ हो यज्ञोपवीत धारण करे और गमछा स्वच्छ धोती धारण अपने आचार्यों के निर्देशानुसार श्राद्ध तर्पण पितरों को जल देना चाहिए बाद में अलग से एक लोटे में जल अक्षत पुष्प डाल कर सूर्य को जल आवश्य देना चाहिए हर दिशाओं में प्रणाम करना चाहिए।

ये भी पढें

सेवा संकल्प अभियान: प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया हुनर

सादा जल देने से पित्रों को नहीं प्रेत को प्राप्त होता है जिससे हम कर्म करने पर भी फल की प्राप्ति नहीं होती है अपना खान पान शुद्ध रखना चाहिए इन सब नियमों का पालन न करने से पितृदोष लगता है जिससे घरों में क्लेश कलह बनी रहती है पित्रों को जल आवश्य देना चाहिए जिसे हमारे वंश की वृद्धि होती है पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे हमारे कार्य में बाधा नहीं आती है बहुत से लोग पंचक के कारण प्रथम दिन से जल नहीं देते है प्रथम दिन से ही जल देना चाहिए पंचक में जल देने से पांच गुना फल प्राप्त होता कुछ समय बीत जाने के बाद जल देने का कोई महत्व नहीं रहता है इस लिए प्रथम दिन से ही शुरू करे सुंदर सु स्वाद भोजन बना कर पित्रों को अग्नि में आहुति देनी चाहिए।

ये भी पढें

बृजभूषण से सुलह के बाद बाबा रामदेव का बड़ा बयान

पंच बलि करना चाहिए पंच बलि का मतलब कुछ लोगों को नहीं पता होगा पंच बलि का अर्थ होता है पांच ग्रास निकालना चाहिए गाय,के लिए,कुत्ते के लिए, कौवे के,लिए देवताओं ,को चींटी को, उसके बाद ब्राह्मण को भोजन कराए वस्त्र आदि सामग्री दान दे बहन बुवा बेटी जो मान्य लोगों को भोजन करा कर भोजन करना चाहिए ।

पितृ के प्रसन्न रहने के लिए पितृदोष मुक्ति के लिए पितृ स्तोत्र का पाठ करना चाहिए जिसे हमारे कुल का कल्याण होता रहे हर हिन्दू धर्म के लोगों को करना चाहिए जिसे समाज की पुराणों के अनुसार परम्परा बनी रहे सभी स्वास्थ्य रूप से वंश वृद्धि को सभी का कल्याण हो।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

Health Tips: बेहतर नींद के लिए कब लें धूप? सुबह और शाम की रोशनी का जानें महत्व

चंदा चोरी के बाद अब वोट चोरी भी हुई साबित

चिनहट में BA की छात्रा ने की आत्महत्या, हॉस्टल में मिला शव

 

 

 

Spread the love

Pradosh Vrat Today
homeslider Religion

प्रदोष व्रत आज

Pradosh Vrat Today: प्रदोष व्रत हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह व्रत हर महीने के दोनों पक्षों (कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष) की त्रयोदशी तिथि (13वें दिन) रखा जाता है। इस प्रकार एक साल में कुल 24 प्रदोष व्रत आते हैं। […]

Spread the love
Read More
Religion Uttar Pradesh

27 सितंबर को अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी दिवस मनाया जायेगा

 मुख्यमंत्री सहित देश के दर्जनों नामी हस्तियां रहेगी मौजूद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर मे बैठको का दौर जारी  विजय श्रीवास्तव  Lucknow: आने वाले 27 सितंबर को लखनऊ के गोमतीनगर के CMS के सभागार मे हिंदू हृदय सम्राट रामजन्म भूमि आन्दोलन के प्रणेता स्व अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी दिवस मनाया […]

Spread the love
Read More
Religion Uttar Pradesh

अयोध्या में इस बार जलेंगे 26 लाख से अधिक दीप

नजर आएगा त्रेता युग, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने की समीक्षा Ayodhya: अयोध्या एक बार फिर दिव्यता और भव्यता के प्रकाश से जगमगाने को तैयार है। यह दीपोत्सव 19 अक्तूबर को राम की पैड़ी पर होगा। करीब 26.50 लाख दीप जलाने का लक्ष्य है। इसके लिए कुम्हारों को आर्डर दिया जा चुका है। एक साथ […]

Spread the love
Read More