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शोक से पहले शपथ: सत्ता की यह कैसी हड़बड़ी?

महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बार फिर दिखाया है कि यहाँ सत्ता को विराम नहीं चाहिए, चाहे शोक अधूरा ही क्यों न रह जाए। राजनीति में संवैधानिक प्रक्रियाएँ ज़रूरी होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन क्या लोकतंत्र सिर्फ प्रक्रियाओं से चलता है, या फिर संवेदनाओं से भी? अजीत पवार की मृत्यु के मात्र […]

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आज लाला लाजपत राय जयंती: पंजाब केसरी के बलिदान ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत

हर वर्ष 28 जनवरी को देश अपने महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती श्रद्धा और गर्व के साथ मनाता है। ‘लाल-बाल-पाल’ की ऐतिहासिक त्रयी के प्रमुख स्तंभ रहे लालाजी ने अपने साहस, लेखनी और बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के विरुद्ध उनकी गर्जना आज भी […]

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2027 नहीं, असली इम्तिहान 2029 है

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ को लेकर बार-बार जो आशंकाएँ खड़ी की जा रही हैं, वे फिलहाल अतिशयोक्ति अधिक और यथार्थ कम हैं। तमाम षड्यंत्रों, विरोध और शोर-शराबे के बावजूद 2027 में उत्तर प्रदेश में उनका बहुमत से लौटना लगभग तय दिखाई देता है। लेकिन यदि सच में कहीं कोई चिंता है, तो वह 2029 की लोकसभा […]

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भारत गणतंत्र तुम्हारी जय हो!

हम भारत के लोग 26 जनवरी 2026 की सुबह अपने 77वें गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। यह समय हमें आंकलन करने की अपेक्षा करता है कि इतने दीर्घावधि वाले भारत गणतंत्र का ‘जन-गन-मन’ आज किन अनुभूतियों के साथ जी रहा है। यह आंकलन करने का समय है कि हमारे देश का विकास किस तरह […]

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मार्क टली सर.. आप बहुत याद आएंगे…..

नया लुक संवाददाता पत्रकारिता जगत में दैदीप्यमान नक्षत्र सरीखे पत्रकार और लेखक सर मार्क टली का रविवार को निधन हो गया। 90 वर्ष के मार्क टली भारत में बीबीसी के लिए काम करने वाले सबसे चर्चित पत्रकार रहे हैं। बीबीसी के लिए यूं तो वह अंग्रेजी में रिपोर्टिंग करते थे लेकिन उनका हिंदी ज्ञान ग़ज़ब […]

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गणतंत्र दिवस पर विशेष : युवाओं के लिए गणतंत्र दिवस…अधिकार से आगे जिम्मेदारी

राजेन्द्र गुप्ता भारत का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने की याद दिलाता है। स्वतंत्रता 1947 में मिली, लेकिन संविधान के बिना स्थायी शासन व्यवस्था नहीं थी। 26 जनवरी को भारत गणराज्य बना, जहाँ सत्ता जनता से आती है, न कि किसी राजा या […]

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वाइफ स्वैपिंग’ और हमारे रिश्तों की टूटती नींव: समाज का आईना

डॉ. प्रियंका सौरभ कुछ विषय ऐसे होते हैं जिन पर लिखना आसान नहीं होता। वे केवल शब्दों की नहीं, बल्कि सामाजिक, मानसिक और नैतिक साहस की भी माँग करते हैं। यह विषय भी उन्हीं में से एक है, जहाँ चुनौती केवल प्रस्तुति की नहीं, बल्कि उस सच को सामने लाने की है जिसे समाज अक्सर […]

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योगी सरकार का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सवाल, आप क्यों लिखते हैं शंकराचार्य

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मेला प्राधिकरण ने उन्हें शंकराचार्य पद के उपयोग पर नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है, जिससे संत समाज में हलचल मच गई है।  माघ पूर्णिमा पर स्वामी […]

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ओबीसी के लिए 27% आरक्षण कोई कृपा नहीं, हमारा संवैधानिक हक़ व अधिकार

राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने भी शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों […]

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बेदम दिल्ली, बेबस लखनऊः प्रदूषण से परेशानी इतनी कि….

बरसों बाद महबूब से फोन पर बात हुई, उसने पूछा-कैसे हो? हमने कहा…..आंखों में चुभन, दिल में जलन, सांसें भी हैं कुछ थमी-थमी सी, है चारों तरफ धुआं-धुआं, उसने कहा-अभी तक इश्क में हो? मैंने कहा-नहीं, दिल्ली में… श्वेता शर्मा लखनऊ। सोशल मीडिया पर मजाक में चल रही यह कविता अपने में गंभीरता भी समेटे […]

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