
- चीनी मिल संघ में मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस की उड़ाई जा रही धज्जियां
- करोड़ों रुपए के उपकरण चीनी मिलों के लिए बने मुसीबत का सबब
Lucknow: उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री और अपर मुख्य सचिव (ACS) गन्ना को प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल का भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं पड़ रहा है। इस भ्रष्ट अधिकारी के खरीदे गए करोड़ों रुपए के उपकरण चीनी मिलों के लिए मुसीबत का सबब बन गए है। मुख्यमंत्री को शिकायत भेजे जाने के बाद भी भ्रष्टाचारी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। संविदा पर रखे गए प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद कुमार अग्रवाल ने एक ऐसी फर्म को आधा दर्जन चीनी मिलों के इंस्ट्रूमेंट उपकरणों की मेंटेनेंस का काम दे दिया जिसको तकनीकी कार्य करने का कोई अनुभव ही नहीं प्राप्त है।
सूत्र बताते है कि नानपारा, बेलरायां, संपूर्णानगर, अनूपशहर और पुवायां चीनी मिलों के CMC/AMC (वार्षिक मेंटिनेंस) की लिए ई निविदा चीनी मिल संघ की केंद्रीय क्रय प्रणाली के अन्तर्गत निकाली गई थी। प्रधान प्रबंधक तकनीकी ने इस ई निविदा की पात्रता, नियम और शर्तों में मन मुताबिक नियम शर्तें रखकर सभी नियमों को दरकिनार कर इस कार्य की दर संविदा का कार्यादेश लखनऊ की फर्म सप्लॉक टेक्नोलॉजीज LLP फर्म को आवंटित कर दिया गया।
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इस फर्म को मिल में लगे बॉयलर एवं बायलिंग हाउस में स्थापित ऑटोमेशन उपकरणों के मरम्मत एवं रखरखाव का कोई अनुभव ही नहीं है। चीनी मिल संघ के आला अफसर और प्रधान प्रबंधक तकनीकी इस फर्म पर इस कदर मेहरबान है कि इस फर्म को जारी की गई दर संविदा के कार्यदेशों में 60 से 90 प्रतिशत तक का भुगतान फर्म को परफॉर्मा इनवॉइस के आधार पर पहले ही कर दिया, जबकि पूर्व में यह भुगतान कार्य होने के बाद किया जाता रहा है। सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री और चीनी एवं गन्ना विकास मंत्री को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि करोड़ों खर्च के बाद भी चीनी मिलो की हालत जर्जर बनी हुई है।
इसके लिए संविदा पर नियुक्त किए गए प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद कुमार अग्रवाल जिम्मेदार है। इनको अपनी निकट फर्मों को चीनी मिलों में लूट मचाने की खुली छूट दे रखी है। श्रावस्ती और नानपारा सहकारी चीनी मिल में इस लूट का आसानी से देखा जा सकता है। इन मिलों में अनुभवहीन फर्म को बॉयलर एवं बोईलिंग हाउस और स्टैक मॉनिटरिंग के CMC के कार्य आवंटित किए गए थे। चीनी मिल चलने के एक माह बाद भी फर्म ने यह कार्य नहीं किए गए।
बॉयलर पर ID और FD फैन की VFD को मैनुअल चलाया जा रहा है। इससे मिल को भारी पावर लॉस और फ्यूल लॉस का सामना करना पड़ रहा है। संविदा पर नियुक्त प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद कुमार अग्रवाल का यह भ्रष्टाचार गन्ना मंत्री और अपर मुख्य सचिव गन्ना को दिखाई ही नहीं पड़ रहा है। प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल के भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व में भी भी वह करोड़ों का गोलमाल कर चुके है। इनके खरीद फरोख्त की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी सामने आ जाएगा।
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