
Lucknow: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अपराधी तकनीक का कितना भी आवरण क्यों न ओढ़ लें, वैज्ञानिक जांच और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक की मदद से उन्हें खोज निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि AI मददगार जरूर है, लेकिन उसे मानव विवेक का विकल्प नहीं बनना चाहिए। तकनीक का इस्तेमाल मानवीय समझ और जिम्मेदारी के साथ किया जाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘टेक संगम 2026’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने क्वांटम फॉरेंसिक्स और विधिक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए ‘LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ किया। साथ ही कंसेंट मैनेजमेंट पोर्टल लॉन्च किया, ‘अभेद्य’ परियोजना की आधारशिला रखी और ‘AI in Construction’ पुस्तक का विमोचन किया।
ये भी पढें
दिल्ली में राहुल गांधी से रैली टालने की अपील, व्यापारियों ने 10 हजार करोड़ के नुकसान की जताई आशंका
डीपफेक और साइबर अपराध से निपटने में मिलेगी मदद
योगी ने कहा कि आज के दौर में साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक जांच को मजबूत करना आवश्यक है। AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग अपराध अनुसंधान को प्रभावी बनाने के साथ न्याय मिलने में होने वाली देरी को कम करने में भी मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच न्याय व्यवस्था को मजबूती देते हैं। तकनीक पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय उसका इस्तेमाल मानवीय विवेक के साथ किया जाना चाहिए।

प्रदेश की 18 पुलिस रेंजों में विकसित हो रहीं फॉरेंसिक लैब
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी 18 पुलिस रेंजों में फॉरेंसिक लैब विकसित की जा रही हैं। इनमें से 12 लैब तैयार हो चुकी हैं, जबकि छह अन्य अंतिम चरण में हैं। इसके अलावा 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं, ताकि घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा सकें।
उन्होंने नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सात वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे जांच की गुणवत्ता बेहतर करने और अदालतों में मामलों के निस्तारण में होने वाली देरी कम करने में मदद मिल सकती है।
![]()
भू-माफिया से मुक्त जमीन पर बना फॉरेंसिक संस्थान
योगी ने संस्थान की स्थापना का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 100 एकड़ जमीन पर कभी एक बड़े भू-माफिया का कब्जा था। वर्ष 2017 में मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कराई गई और FIR दर्ज की गई। कार्रवाई के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण कर जमीन छोड़ दी। आज इसी जमीन पर आधुनिक फॉरेंसिक संस्थान स्थापित है, जो वैज्ञानिक जांच और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘CID’ जैसे टीवी धारावाहिकों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग बाल या फिंगरप्रिंट के जरिए अपराधी तक पहुंचने की प्रक्रिया केवल पर्दे पर देखते थे। अब आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान की मदद से ऐसी जांच वास्तविक जीवन में भी संभव है।
ये भी पढें
रीठा और गुड़हल से घर पर बनाएं नेचुरल शैंपू, बालों की देखभाल होगी आसान
2030 तक पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य
तकनीकी विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा आज की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने नोएडा में सेमीकंडक्टर फैब यूनिट की स्थापना का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल से नए उद्योगों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
पांच हजार से अधिक अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
UPSIFS के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने बताया कि संस्थान में DNA, साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक्स से जुड़ी आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की गई हैं। संस्थान अब तक पुलिस, रक्षा बलों और प्रशासन से जुड़े पांच हजार से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
चाय की छोटी-सी दुकान पर हुआ बड़ा चमत्कार, गुरुजी को देख रो पड़ा भक्त
दिल्ली में राहुल गांधी से रैली टालने की अपील, व्यापारियों ने 10 हजार करोड़ के नुकसान की जताई आशंका
यूपी में 120 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ी युवती, मुंबई में बैठे प्रेमी से वीडियो कॉल पर हुआ निकाह


One thought on “डीपफेक से नहीं बचेंगे अपराधी, बोले योगी”
Comments are closed.