देश में गृहयुद्ध की बात करने वाले कथित नेटवर्क पर उठे सवाल

Election Commission
आचार्य संजय तिवारी
आचार्य संजय तिवारी

Election Commission : भारत को तोड़ने और गृहयुद्ध के लिए दिमागी नक्सल गिरोह सामने

चुनाव आयोग नहीं, कश्मीर से 370 का खात्मा और रामजन्मभूमि हिंदुओं को मिल जाना है ज्ञानेश कुमार के विरोध का कारण

चुनाव की प्रक्रिया और चुनाव आयोग से ज्ञानेश कुमार को लेकर किया जा रहा विरोध भारत को गृहयुद्ध में झोंकने की दिमागी नक्सल गिरोहों की साजिश है। चुनाव आयोग तो बहाना है। वास्तविक कारण है कश्मीर से धारा 370 को हटाने और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में ज्ञानेश कुमार की महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका। इन दो निर्णयों ने निश्चित रूप से एक नए सनातन हिंदुत्व से परिपूर्ण भारत के निर्माण में भूमिका निभाई है। अब ये सभी सनातन भारत के विरोधी शक्तियां एक साथ हैं और ज्ञानेश कुमार के बहाने देश को बर्बाद करने के लिए दिल्ली को केंद्र बना कर अपनी साजिश को क्रियान्वित करने में जुट गए हैं।

ये भी पढ़े

किसानों से 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदेगी योगी सरकार

अब यह सभी को जान लेना चाहिए कि ज्ञानेश कुमार की कश्मीर और श्रीराम मंदिर निर्माण में ऐसी क्या भूमिका है जिसने भारत विरोधी इन गिरोहों को बेचैन कर दिया है। ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं। वर्तमान में वे भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) हैं – 19 फरवरी 2025 से, कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक। हमने दो महत्वपूर्ण निर्णयों का नाम लिया, उसमें उनकी बहुत गंभीर भूमिका प्रशासनिक रही है, राजनीतिक नहीं। अब क्रम से बात करते हैं। मई 2016 में ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन में संयुक्त सचिव के रूप में आए थे, तब गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी थे। 2019 में जब अमित शाह गृह मंत्री बने, तो ज्ञानेश कुमार उसी डिवीजन के प्रमुख थे।जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 का ड्राफ्ट तैयार करने, उसे कानूनी रूप से सुदृढ़ करने और 5 अगस्त 2019 के बाद घाटी में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था संभालने में उनकी केंद्रीय भूमिका थी। इस कारण उन्हें गृह मंत्री अमित शाह जी के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है।

अब बात करते हैं श्रीराम मंदिर निर्माण में भूमिका को लेकर। सुप्रीम कोर्ट के  नौ नवंबर 2019 के अयोध्या फैसले के बाद सरकार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाना था। उस समय ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे और ट्रस्ट के गठन, उसकी अधिसूचना और प्रक्रिया से जुड़ी फाइलों का काम उनके डेस्क पर था। उन्होंने स्वयं मंदिर का निर्माण तो नहीं कराया, यह ट्रस्ट और सरकार की सामूहिक प्रशासनिक प्रक्रिया थी। इसके बाद वे संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और फिर नवगठित सहकारिता मंत्रालय में सचिव बने, जो भी अमित शाह के पास है। वह जनवरी 2024 में रिटायर हुए और मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त बने।

ये भी पढ़े

ये पंजाब है साहब! यहाँ की एक बहू ने अपने DGP ससुर लड़ाया इश्क़

उनका नाम अब धारा 370 या राम मंदिर के कारण नहीं, बल्कि CEC के रूप में उनके वर्तमान निर्णयों के कारण विवाद में है। इसके दो कारण हैं – वे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं जिनकी नियुक्ति नए कानून – मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम 2023 – के तहत हुई। इस कानून में चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को रखा गया, जिससे सरकार को तीन में से दो सदस्य का बहुमत मिला। विपक्ष ने इसका विरोध किया था। पिछले एक वर्ष में चुनाव आयोग द्वारा Special Intensive Revision (SIR) – मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, Form-6 में बदलाव और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण को लेकर विवाद हुआ है। विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया और राहुल गांधी के आरोपों पर हलफनामे के साथ सबूत देने को कहा था। यह अलग बात है कि कोई सबूत सामने आया नहीं।

अब कॉकरोच जनता पार्टी, अनेक पुराने सोशलमीडिया से जुड़े वाम खेमे के देसी विदेशी लोग दिल्ली में जुट रहे हैं। पिछली बार आंदोलन छात्रों के नाम पर हुआ और जो हुआ सभी ने देखा। इस बार आंदोलन ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए है। क्या होगा, यह कल के बाद देखेगा लेकिन आज एक बात जरूर याद आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार 15 अगस्त को लालकिले से एक शब्द दिया था अरबन नक्सल। उन्होंने इस को होमियोपैथी की गोली बताते हुए कहा कि बीमारी ठीक करने के लिए होमियोपैथी की दवा शुरू होते ही बीमारी पहले बहुत तेजी से उभरती है। फिर दवा का असर होता है। तात्पर्य यह कि डॉक्टर इस बार तैयार है, दवा शुरू हो गई है,बीमारी बहुत तेजी से फैलेगी। इलाज का तरीका और दवा का मोड ऑफ एक्शन डॉक्टर को पता है।

गोरखपुर में पशु तस्करों ने किया था दीपक गुप्ता का अपहरण

वरिष्ठ पत्रकार विजय श्रीवास्तव के बढ़नी पहुंचने पर भव्य स्वागत, पत्रकारों ने किया सम्मानित

संत रविदास जी के सम्मान में बदलेगा भदोही का नाम

मिशन अफ्रीका: घाना और कोटे डी आइवर के बाद इथियोपिया पहुंचे जयशंकर

जेवर एयर पोर्ट अब PM मोदी के नाम पर

DG कारागार पीसी मीना ने सेवा स्मृति’ स्मारिका का किया विमोचन

 

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider Uttar Pradesh

आज इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा!

Today’s Horoscope मेष : आज थोड़ी कम चिड़चिड़ाहट हो सकती है, लेकिन परिस्थितियों, मन की चंचलता पर जीत की आवश्यकता होगी। शांत रहें और प्रतीक्षा करें और देखें कि संसार में आपके लिए क्या है। परेशानी के तूफान के बाद आप ठंडी हवा महसूस करेंगे। वृष : आज एक बड़े परिवर्तन का संकेत मिल रहा […]

Spread the love
Read More
homeslider Uttar Pradesh

हाइब्रिड बीजों से सरसों की खेती को मिलेगी नई ताकत, जानें किसानों के अनुभव

हाइब्रिड बीजों से बढ़ सकती है सरसों की पैदावार, राजस्थान और हरियाणा के किसानों को मिल सकते हैं बेहतर नतीजे New Delhi : अक्टूबर 2026। सरसों की बुवाई का सीजन नजदीक आते ही किसानों के लिए बेहतर बीजों का चयन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करना अहम हो गया है। फिक्की और सीसीएस एनआईएएम की […]

Spread the love
Read More
homeslider Religion

शारदीय नवरात्र: 11 अक्टूबर से कलश स्थापना, जानें शुभ मुहूर्त

Sharadiya Navaratri: मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र की शुरुआत कलश स्थापना यानी घटस्थापना के साथ होती है। इस दिन घरों और मंदिरों में विशेष […]

Spread the love
Read More