
Threat to the US from Iran: ईरान से जुड़े संभावित सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस से अपने B-1 बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका बुला लिया है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका की सैन्य रणनीति और यूरोप में उसकी बमवर्षक तैनाती को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने विमानों की वापसी को अभियानगत और सुरक्षा कारणों से जोड़कर देखा है, लेकिन इस फैसले के पीछे ईरान से जुड़े खतरे की आशंकाओं ने खासा ध्यान खींचा है।
ट्रंप ने धमकियों का किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने B-1 विमानों को ब्रिटेन से हटाने के फैसले पर कहा कि इसके पीछे कुछ धमकियां थीं। उन्होंने संकेत दिया कि इनका संबंध ईरान से हो सकता है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस तरह की धमकी को देखते हुए विमानों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि संवेदनशील सैन्य परिसंपत्तियों को संभावित खतरे वाले स्थान पर बनाए रखना उचित नहीं होगा। वहीं, किसी कथित ड्रोन हमले से जुड़े सवाल पर उन्होंने विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया और चेतावनी दी कि अगर ऐसी कोई घटना सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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RAF Fairford क्यों है महत्वपूर्ण?
ब्रिटेन का RAF Fairford अमेरिकी भारी बमवर्षक विमानों के लिए महत्वपूर्ण ठिकानों में से एक माना जाता है। यह एयरबेस लंदन से करीब 145 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है और यूरोप में अमेरिकी लंबी दूरी के बमवर्षक अभियानों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने पहले भी इस एयरबेस से अपने बमवर्षक विमानों का संचालन किया है। ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के दौरान Fairford की भूमिका को लेकर ब्रिटेन और अमेरिका के बीच अनुमति और सैन्य इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग रुख भी सामने आए हैं।
एयरबेस के आसपास संदिग्ध गतिविधि
इस पूरे मामले में RAF Fairford के आसपास सामने आई संदिग्ध गतिविधियों ने भी ध्यान आकर्षित किया। सितंबर के अंत में एक स्थानीय व्यक्ति ने कुछ वाहनों और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
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जांच के दौरान वाहनों से पेट्रोल मिलने की बात सामने आई, हालांकि विस्फोटक बरामद होने की जानकारी नहीं दी गई। बाद में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों को जमानत पर रिहा किए जाने की खबर सामने आई। ब्रिटिश अधिकारियों ने एयरबेस की सुरक्षा को लेकर भरोसा जताया है।
अमेरिका ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
पेंटागन ने B-1 बमवर्षकों की वापसी की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों की गतिविधियों को वास्तविक समय में सार्वजनिक करना सुरक्षा कारणों से उचित नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिकी ठिकानों को संभावित खतरों से पूरी तरह अलग नहीं माना जा सकता।
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस फैसले को अत्यधिक सावधानी से जुड़ा कदम बताया। दूसरी ओर, रुबियो ने यह स्पष्ट करने से इनकार किया कि बमवर्षकों की वापसी सीधे किसी कथित ईरानी साजिश से जुड़ी हुई है।
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ईरान ने आरोपों को किया खारिज
इस बीच ईरान ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने ऐसी अटकलों को निराधार बताया है और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
रणनीतिक दृष्टि से देखें तो ब्रिटेन से B-1 विमानों की वापसी का मतलब यह हो सकता है कि अमेरिका फिलहाल अपनी सैन्य परिसंपत्तियों को ऐसे स्थानों पर रखने को प्राथमिकता दे रहा है जहां उन्हें संभावित खतरे से अपेक्षाकृत सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि इससे अमेरिकी सैन्य क्षमता समाप्त नहीं होती। अमेरिका के पास मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में वैकल्पिक सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
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