
PGB-500 bomb: भारतीय रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक और अहम कदम सामने आया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायुसेना 500 किलोग्राम वर्ग के प्रिसिजन गाइडेड बम PGB-500 का परीक्षण करने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस हथियार का परीक्षण भारतीय वायुसेना के Su-30MKI लड़ाकू विमान से किया जा सकता है। इसका उद्देश्य भारी सुरक्षा वाले सैन्य ठिकानों और मजबूत संरचनाओं के खिलाफ सटीक हमले की क्षमता को बढ़ाना है।
PGB-500 को प्रिसिजन गाइडेड हथियार के तौर पर विकसित किया गया है। इसकी खासियत यह है कि इसे लक्ष्य तक अधिक सटीकता से पहुंचाने के लिए आधुनिक नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें GPS और INS यानी जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली जैसी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे हथियार को तय लक्ष्य की दिशा में नियंत्रित तरीके से पहुंचाने में मदद मिलती है।
ये भी पढें
इमरान खान अस्पताल से फिर जेल लौटे, डॉक्टरों ने बताया- फिलहाल जेल में रहना सुरक्षित
बंकर और मजबूत ठिकानों के खिलाफ उपयोग
500 किलोग्राम वजन वाले इस बम को ऐसे लक्ष्यों के लिए उपयोगी माना जा रहा है, जहां सामान्य हथियारों के मुकाबले ज्यादा प्रभावी प्रहार की जरूरत होती है। इनमें मजबूत कंक्रीट संरचनाएं, सैन्य प्रतिष्ठान, कमांड सेंटर और रणनीतिक बुनियादी ढांचे जैसे लक्ष्य शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, हथियार की वास्तविक क्षमता, इसकी पैठ की गहराई और ऑपरेशनल रेंज से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसके प्रदर्शन को लेकर अंतिम निष्कर्ष परीक्षणों के बाद ही निकाला जा सकेगा।
Su-30MKI से होगी अहम टेस्टिंग
भारतीय वायुसेना का Su-30MKI देश के प्रमुख मल्टीरोल लड़ाकू विमानों में शामिल है। इस विमान से PGB-500 का परीक्षण होने पर यह देखा जाएगा कि हथियार को विमान से रिलीज करने के बाद उसकी उड़ान स्थिरता, नियंत्रण और लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता कैसी रहती है।
ये भी पढें
लखनऊ हत्याकांड: कई दिनों से पिस्टल की तलाश में था मानस, कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा तनाव
इस तरह के परीक्षण भारतीय वायुसेना के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे स्वदेशी हथियारों को मौजूदा लड़ाकू विमानों के साथ जोड़ने की क्षमता बढ़ती है। सफल परीक्षण के बाद हथियार को आगे के मूल्यांकन और सैन्य उपयोग के लिए तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
PGB-500 परियोजना को भारत की आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश पिछले कुछ वर्षों से विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम करने और घरेलू स्तर पर आधुनिक हथियार विकसित करने पर जोर दे रहा है।
DRDO के अलावा सरकारी और निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनियों की भागीदारी से स्वदेशी हथियारों की डिजाइन और उत्पादन क्षमता मजबूत हो रही है। ऐसे प्रोजेक्ट सफल होने पर भारतीय सशस्त्र बलों को घरेलू स्तर पर विकसित विकल्प मिल सकते हैं और रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन भी मजबूत हो सकती है। PGB-500 की टेस्टिंग को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
इमरान खान अस्पताल से फिर जेल लौटे, डॉक्टरों ने बताया- फिलहाल जेल में रहना सुरक्षित
लखनऊ हत्याकांड: कई दिनों से पिस्टल की तलाश में था मानस, कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा तनाव
जयपुर में CJP टीम पर हमला, आशुतोष रांका से मारपीट; गाड़ियों में तोड़फोड़ का आरोप
दूसरे टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया ने बदला ओपनिंग कॉम्बिनेशन


One thought on “भारत ने बनाया नया खतरनाक बम, दुश्मन के ठिकानों को करेगा ध्वस्त”
Comments are closed.