
सपा कार्यालय में कारगिल युद्ध के वीर सपूतों को दी गई श्रद्धांजलि
Kargil Vijay Diwas: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में आए पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर कारगिल युद्ध में अपने दोनों पैर गंवाने वाले सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के लांस नायक राम भुवाल को शाल ओढ़ाकर तथा स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया और उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। अखिलेश यादव ने कहा कि आज हम जहां कारगिल दिवस पर सेना के शौर्य को याद कर रहे है साथ ही संविधान मानस्तंभ दिवस मना रहे है। सामाजिक न्याय की भावना को आरक्षण के रूप में इसी दिन अमल में लाया गया था। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है। श्री यादव ने समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पूर्व सैनिकों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना फौज हमारी सीमाओं की रक्षा करती है।
सीमाओं पर सदैव खतरा रहता है। कई बार सीमा पर सैन्य गतिविधियों की चर्चा नहीं होती है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि सन् 2014 से पहले और आज हमारे देश का क्षेत्रफल क्या है? हम चाहते हैं कि हमारा क्षेत्रफल वही बना रहे जो आजादी के समय था। डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव हमेशा सीमाओं का सवाल उठाते थे। हम कारगिल का युद्ध अपनी फौज के शौर्य की वजह से जीते है। फौज ने हमारी सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमें अपनी फौज पर गर्व है। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कारगिल युद्ध के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेना के साहस और बलिदान को नमन किया।
इस दौरान कारगिल युद्ध में अपने दोनों पैर गंवाने वाले सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के लांस नायक राम भुवाल को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है। यह दिन न केवल कारगिल विजय दिवस के रूप में देश की सैन्य वीरता और शौर्य का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने वाले संविधान के मूल्यों की भी याद दिलाता है।
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उन्होंने कहा कि इसी दिन सामाजिक न्याय को आरक्षण व्यवस्था के माध्यम से प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल हुई थी, इसलिए यह दिन लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित रहती है। सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा करते हैं और सीमाओं पर लगातार चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सीमा पर होने वाली सैन्य गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जवान लगातार कठिन परिस्थितियों में डटे रहते हैं। ऐसे वीर सैनिकों का सम्मान करना पूरे देश का कर्तव्य है।
कारगिल के वीरों को अखिलेश यादव का नमन
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले और वर्तमान समय में देश के कुल क्षेत्रफल को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि भारत की सीमाएं और क्षेत्रफल उसी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण बने रहें, जैसे आजादी के समय थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा के प्रमुख नेता डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव भी देश की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को गंभीरता से उठाते रहे हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने यह लड़ाई अपने सैनिकों के अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और सर्वोच्च बलिदान के कारण जीती थी।
भारतीय सेना ने दुर्गम पहाड़ियों और कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया। यह विजय देश के सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कारगिल युद्ध के शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने भी पूर्व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए देश सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति और सैनिक सम्मान का भाव प्रमुख रूप से देखने को मिला।
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