
DPC तीन दौर की वार्ता के बाद बनी सहमति
विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक लगातार टलने से नाराज संजय गांधी पीजीआइ कर्मचारी महासंघ ने मंगलवार को निदेशक कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। महासंघ का आरोप था कि प्रशासन की लापरवाही के कारण कर्मचारियों को एक जुलाई से मिलने वाले पदोन्नति और एमएसीपीएस के लाभ में अनावश्यक देरी हो रही है।
महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार, महामंत्री सीमा शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय चौधरी,मंजुलता यादव, उपाध्यक्ष डॉ. नीलमणि तिवारी, संयुक्त मंत्री सुनील कुमार, कोषाध्यक्ष संदीप कुमार, संगठन मंत्री डॉ. अंकिता पाण्डेय, कार्यालय मंत्री तेज भूषण यादव, प्रचार मंत्री सुनील रूपजी तथा कार्यकारिणी सदस्य वसीम अहमद, अचला मिश्रा, निखिल सक्सेना, ज्ञान सिंह, गौरव श्रीवास्तव और श्रीकृष्ण पाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रशासनिक भवन पहुंचे और निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
महासंघ का कहना है कि दो जून को प्रशासन से 15 से 25 जून के बीच डीपीसी कराने का अनुरोध किया गया था। 23 जून को बैठक बुलाई गई, लेकिन विभागीय पदोन्नति समिति की अध्यक्ष एवं अपर निदेशक के शामिल न होने से बैठक पूरी नहीं हो सकी। बाद में 25 जून को दोबारा पत्र देकर शीघ्र डीपीसी कराने की मांग की गई। प्रशासन ने 30 जून को बैठक कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंगलवार को भी डीपीसी नहीं हुई।
धरने के बाद निदेशक और अपर निदेशक ने कर्मचारी महासंघ के साथ तीन दौर की वार्ता की। वार्ता में प्रशासन ने आश्वस्त किया कि दो जुलाई को डीपीसी आयोजित की जाएगी और इसे 23 जून की बैठक की निरंतरता मानते हुए उसी तिथि से प्रभावी माना जाएगा। इससे कर्मचारियों की पदोन्नति और एमएसीपीएस के लाभ सुरक्षित रहेंगे। आश्वासन के बाद कर्मचारी महासंघ ने धरना समाप्त कर दिया।
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