Ivanka Trump अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रंप को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक आतंकी ने इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रची थी। आरोपी के पास फ्लोरिडा स्थित उनके घर का नक्शा भी मिला है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी को हाल ही में तुर्की में पकड़ा गया। उसके बारे में दावा किया गया है कि वह छह साल पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था। रिपोर्ट के अनुसार, अल-सादी सुलेमानी को पिता समान मानता था और इवांका ट्रंप को निशाना बनाकर ट्रंप परिवार से बदला लेने की बात करता था।
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जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फ्लोरिडा के उस इलाके का नक्शा भी साझा किया था, जहां इवांका ट्रंप और उनके पति Jared Kushner का आलीशान घर स्थित है। उसने धमकी भरे संदेश में लिखा था कि “न तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हें बचा पाएगी। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी को 15 मई 2026 को तुर्की में उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह रूस भागने की कोशिश कर रहा था। उसे बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। उस पर यूरोप और अमेरिका में कई आतंकी हमलों और हमले की कोशिशों के आरोप हैं।
कई देशों में हमलों के आरोप
जांच में सामने आया है कि आरोपी पर मार्च 2026 में एम्स्टर्डम स्थित बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन पर बमबारी, टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी और लंदन में यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा बेल्जियम और नीदरलैंड में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की भी बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि अल-सादी के संबंध ईरान समर्थित संगठन कताइब हिजबुल्लाह और IRGC से थे। उसने कथित तौर पर सुलेमानी के उत्तराधिकारी Esmail Qaani के साथ भी करीबी संबंध बना रखे थे।
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वीआईपी पासपोर्ट और ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास इराक का सर्विस पासपोर्ट मिला, जिससे उसे कई देशों में विशेष सुविधाएं और सुरक्षा जांच में छूट मिलती थी। बताया गया है कि उसने एक ट्रैवल एजेंसी भी बना रखी थी, जिसका इस्तेमाल वह दुनिया भर में आतंकी नेटवर्क से संपर्क बनाने के लिए करता था।
सोशल मीडिया पर दिखाता था ताकत
रिपोर्ट्स के अनुसार अल-सादी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। वह दुनिया के कई बड़े शहरों और मशहूर इमारतों के सामने तस्वीरें पोस्ट करता था। इसके अलावा वह हथियारों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें साझा कर लोगों को डराने की कोशिश भी करता था। फिलहाल आरोपी को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। मामले पर अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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