नीट परीक्षा रद्द, छात्र परेशान, सड़क पर संग्राम

NEET Exam
संजय सक्सेना
संजय सक्सेना

तीन मई को संपन्न हुई नीट अंडर ग्रेजुएट परीक्षा पर एक बार फिर ग्रहण लग गया है। देशभर के लाखों छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया। नीट परीक्षा में करीब 24 लाख परीक्षार्थी बैठे थे। पेपर लीक की खबरों ने पूरे सिस्टम को हिला दिया। राजस्थान से पेपर आउट होने की अफवाहें तेज हैं और विपक्ष ने इसे मोदी सरकार पर सीधा हमला बोल दिया। छात्र सड़कों पर उतर आए, आक्रोश की लहर दौड़ गई। सरकार ने आनन-फानन में नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दे दिया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है? शिक्षा माफिया की साजिशें कब थमेगी? यह कोई नई घटना नहीं। पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इन घटनाओं ने न सिर्फ छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया, बल्कि राजनीतिक घमासान भी खड़ा कर दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या परीक्षा प्रणाली में सुधार की बातें बेईमानी साबित हो रही हैं? क्या सरकार भरोसा दिला सकती है कि दोबारा परीक्षा लीक नहीं होगी? बात नीट कांड की शुरुआत कैसे हुई, की जाए तो तीन मई को सुबह नौ बजे शुरू हुई परीक्षा के कुछ घंटों बाद ही सोशल मीडिया पर पेपर के सवाल वायरल हो गए। राजस्थान के सीकर और जयपुर इलाकों से लीक की पुष्टि हुई। तत्पश्चात, पुलिस अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है, जिनमें परीक्षा केंद्र के कुछ कर्मचारी और दलाल शामिल हैं। ये गिरफ्तारियां साजिश के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर रही हैं। छात्रों का कहना है कि बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी पेपर पहले से बिक रहा था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने रद्दीकरण का फैसला लेते हुए नई तारीख जल्द घोषित करने का वादा किया है, लेकिन छात्रों का गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली, मुंबई और पटना में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। परिवार वाले चिंतित हैं कि दोबारा परीक्षा का बोझ कैसे झेलें।

ये भी पढ़े

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द! पेपर लीक के शक पर बड़ा फैसला

पिछले सालों के काले अध्याय याद आते हैं, जब परीक्षा प्रणाली पर सेंध लग चुकी थी। 2015 में वाइब्रेंट गुजरात के दौरान आयोजित जीएलओई परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सैकड़ों उम्मीदवारों को फायदा पहुंचा। फिर 2021 में बिहार के बीपीएससी परीक्षा का मामला सामने आया, जहां पेपर सॉल्वर गिरोह ने हल्ला बोल दिया। 2022 में यूपीटीईटी का पेपर लीक हुआ, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए, लेकिन दोषियों को सजा मिलने में देरी हुई। इसी साल फरवरी में रोहिणी परीक्षा का पेपर भी लीक हो गया। बिहार में नीट पीजी का कांड तो सुर्खियों में रहा। सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप कर परीक्षा स्थगित की। महाराष्ट्र में एमपीएससी का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया। ये घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा माफिया का जाल कितना गहरा है। ये गिरोह परीक्षा केंद्रों के अंदरूनी लोगों से सेटिंग कर पेपर हासिल कर लेते हैं और अमीर छात्रों को बेच देते हैं। इन पेपर लीक मामलों पर राजनीति का खेल हमेशा चरम पर रहता है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बताकर हमला बोलता है। इस बार नीट रद्दीकरण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। राहुल गांधी ने संसद में बहस की मांग की। आप के अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छात्रों का साथ देते हुए शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए। वहीं भाजपा ने इसे राज्य सरकारों की साजिश बताया, खासकर राजस्थान और बिहार में। 2022 के यूपीटीईटी कांड में सपा ने योगी सरकार को घेरा था, जबकि भाजपा ने विपक्षी राज्यों को जिम्मेदार ठहराया। बिहार में नीट पीजी लीक पर आरजेडी और जदयू ने नीतीश कुमार सरकार पर तीर चलाए। हर बार चुनावी मौसम में ये मामले राजनीतिक हथियार बन जाते हैं। पार्टियां वोट बैंक के लिए छात्र आंदोलनों का फायदा उठाती हैं, लेकिन स्थायी समाधान कोई नहीं देता। यह राजनीतिक नौटंकी छात्रों के दर्द को और बढ़ा देती है।

ये भी पढ़े

पत्नी के रील से परेशान पति ने रील बनाकर किया पत्नी का पिंडदान

वैसे, पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला लंबा है, लेकिन नाकाफी। पुलिस अक्सर गिरफ्तारियां तो करती है, मगर सजा मिलना मुश्किल होता है। 2022 के UPTET  मामले में एसटीएफ ने 15 लोगों को पकड़ा, लेकिन अदालत में केस लंबा खिंच गया। बिहार में 2024 के बीपीएससी कांड में 20 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं, कई को जमानत मिल गई। राजस्थान पुलिस ने नीट मामले में अब तक आठ को हिरासत में लिया, लेकिन मास्टरमाइंड फरार हैं। कानून में सख्त प्रावधान हैं। पब्लिक एग्जामिनेशन अथॉरिटी एक्ट 2024 के तहत पेपर लीक पर दस साल की सजा और जुर्माना है। फिर भी अमल कमजोर है। सॉल्वर गिरोहों पर नकेल कसने के लिए विशेष अदालतें बनाई गईं, लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। कई मामलों में अधिकारी ही शामिल पाए गए, जिससे जांच प्रभावित होती है। कार्रवाई दिखावटी रह जाती है। परीक्षा लीक मामले में न्यायपालिका ने कई बार सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी लीक पर केंद्र को फटकार लगाई और निष्पक्ष जांच का आदेश दिया। यूपीटीईटी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि छात्रों का भविष्य दांव पर नहीं लग सकता। 2023 में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा पर पटना हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक पारदर्शिता का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल सर्विलांस और सख्त सुरक्षा के निर्देश दिए। लेकिन कोर्ट के फैसले लागू करने में देरी होती है। न्यायपालिका ने कई बार सरकार को केंद्रीय एजेंसी बनाने का सुझाव दिया, ताकि राज्य स्तर पर भ्रष्टाचार रोका जा सके। कोर्ट छात्रों के हित में खड़ा दिखता है, लेकिन सिस्टम की कमजोरी उजागर करता रहता है।

ये भी पढ़े

ट्रंप के तेवर और मोदी की चेतावनी! क्या दुनिया पर मंडरा रहा है तेल संकट का सबसे बड़ा खतरा?

NGO ने भी इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। राइट टू एजुकेशन फोरम और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन जैसे संगठन ने कई पिटीशन दाखिल कीं। 2022 में UPTET  पीड़ित छात्रों ने एनजीओ की मदद से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ट्रांसपेरेंसी इन एजुकेशन सोसाइटी ने नीट कांड पर रिपोर्ट जारी कर मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हो। ये संगठन छात्रों को कानूनी सहायता देते हैं और जागरूकता फैलाते हैं। बिहार में जस्टिस फॉर स्टूडेंट्स एनजीओ ने सॉल्वर गिरोह के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किए। एनजीओ ने सरकार पर दबाव डाला कि पेपर लीक रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम अपनाया जाए। इनकी सक्रियता से कई मामलों में तेज कार्रवाई हुई, लेकिन संसाधनों की कमी से प्रभाव सीमित रहता है। फिर भी ये सिविल सोसाइटी की आवाज बनते हैं। बहरहाल, लाख टके का सवाल यही है कि यह सिलसिला कब थमेगा? नीट रद्दीकरण ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया। शिक्षा माफिया को कुचलने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। राजनीतिक दलों को आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सुधार पर ध्यान देना चाहिए। न्यायपालिका और एनजीओ की भूमिका सराहनीय है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी सबसे बड़ी है। अगर अब भी सुधार नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। छात्रों की मेहनत व्यर्थ नहीं होनी चाहिए। उम्मीद है कि इस कांड से सबक लिया जाएगा।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

सांप काटने पर तुरंत करें ये काम, बच सकती है मरीज की जान

पत्नी के रील से परेशान पति ने रील बनाकर किया पत्नी का पिंडदान

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द! पेपर लीक के शक पर बड़ा फैसला

सेक्स को जानें, समझें फिर इस्तेमाल करें, अन्यथा जीवन भर के लिए…

Spread the love

2 thoughts on “नीट परीक्षा रद्द, छात्र परेशान, सड़क पर संग्राम”

Comments are closed.

संभल के श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को मिली बम से उड़ाने की धमकी
Crime News homeslider Uttar Pradesh

संभल के श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को मिली बम से उड़ाने की धमकी

पुलिस महकमे में हड़कंप, बब्बर खालसा से जुड़े होने का दावा     -ए अहमद सौदागर लखनऊ । यूपी के संभल जिले में स्थित निर्माणाधीन श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की धमकी मिली है। आचार्य ने विदेशी नंबर से आए धमकी भरे कॉल को लेकर संभल एसपी को […]

Spread the love
Read More
UP HEALTH
Analysis homeslider Raj Dharm UP

मातृशक्तियों ने संभाली UP HEALTH की कमान, लगातार सात महिलाओं के जिम्मे महकमा

प्रमुख सचिव से लेकर अहम पदों पर महिला अधिकारियों की तैनाती, DG, MD सब महिलाएं हेकाली झेमोमी की तैनाती के साथ ही बदल गई स्वास्थ्य विभाग की तस्वीर जिले से लेकर शासन स्तर तक हावी है आधी-आबादी, 10 जिलो में डीएम, दो में मंडलायुक्त Up  Health Department : एक साल पहले यानी 18 सितम्बर 2025 […]

Spread the love
Read More
महराजगंज
homeslider Uncategorized Uttar Pradesh

महराजगंज में बाढ़ के खतरे पर प्रशासन अलर्ट, तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

महराजगंज में बाढ़ के खतरे पर प्रशासन अलर्ट -उमेश चन्द्र त्रिपाठी महराजगंज, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शनिवार को फरेन्दा, नौतनवां और निचलौल तहसील के […]

Spread the love
Read More